Chikungunya एक वायरल संक्रमण है जो एडीस एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह वही मच्छर है जो डेंगू और ज़ीका वायरस भी फैलाता है। जब यह वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो यह इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। यह बीमारी खासकर बारिश के मौसम में ज्यादा फैलती है क्योंकि इस समय मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। चिकुनगुनिया के लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में तीव्र दर्द, थकान, त्वचा पर रैशेज़ और सिर दर्द शामिल हैं। यह बीमारी सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती बल्कि मच्छरों के माध्यम से फैलती है।
चिकुनगुनिया के कारण जोड़ो में क्यों होता है दर्द?
डॉ. अजय कुमार के अनुसार, चिकुनगुनिया वायरस जब शरीर में प्रवेश करता है तो यह प्रतिरक्षा तंत्र को सक्रिय कर देता है। इससे शरीर की अपनी ही कोशिकाओं पर हमला होता है और सूजन (इन्फ्लेमेशन) पैदा होती है। यही सूजन जोड़ो और हड्डियों में दर्द का मुख्य कारण बनती है। वायरस की वजह से जोड़ो के आस-पास के फ्लूइड में परिवर्तन होता है, जिससे हिलने-डुलने में दर्द महसूस होता है। कई बार यह दर्द महीनों तक भी रह सकता है जिसे पोस्ट वायरल आर्थराइटिस कहा जाता है।

दर्द क्यों होता है लंबा और ज्यादा?
चिकुनगुनिया की वजह से हड्डियों के अंदर के टिश्यूज में सूजन और सख्ती आ जाती है। इस कारण बुखार खत्म होने के बाद भी जोड़ो और हड्डियों का दर्द बना रहता है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है या जो पहले से गठिया जैसी बीमारी से पीड़ित होते हैं, उनके लिए यह दर्द और भी ज्यादा कष्टदायक होता है। दर्द इतना तेज हो सकता है कि रोजमर्रा के कामों में भी मुश्किलें आने लगती हैं।
चिकुनगुनिया से कैसे बचाव करें?
इस बीमारी से बचाव के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे जरूरी है। हमेशा ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तरह ढकें। घर के आस-पास पानी जमा न होने दें क्योंकि वहां मच्छर पनपते हैं। मच्छर भगाने वाले क्रीम, स्प्रे, कॉइल का प्रयोग करें। घर के दरवाजे और खिड़कियों पर जाली लगाएं या मच्छरदानी का उपयोग करें। खासकर बारिश के मौसम में सुबह-शाम मच्छरों से बचाव के लिए ज्यादा सतर्क रहें। बुखार और जोड़ो में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
चिकुनगुनिया की पहचान और सावधानी क्यों जरूरी है?
चिकुनगुनिया के शुरुआती लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते होते हैं, इसलिए सही पहचान जरूरी है। इससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है और दर्द को कम किया जा सकता है। मच्छरों से बचाव न करने पर यह बीमारी तेजी से फैल सकती है और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए साफ-सफाई बनाए रखना और मच्छरों से बचाव करना आवश्यक है ताकि हम और हमारे परिवार सुरक्षित रहें।


