दिवाली पर चीन को होगा पूरे 60,000 करोड़ का नुकसान, 7 करोड़ कारोबारियों ने खोला मोर्चा

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china loss on diwali
file photo

कोरोना महामारी काल के दौरान इस बार देश भर में भारत का सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली मनाया जा रहा है जिसकी ख़रीदारी के लिए दिल्ली सहित देश भर के बाज़ारों में ग्राहकों की चहल पहल शुरू हो गई है और गत दो दिनों से बाज़ारों में दिवाली की ख़रीदारी में तेज़ी आई है जिससे व्यापारी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं की आठ महीने के व्यापारिक वनवास से उन्हें अब मुक्ति मिलेगी। अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त देश के प्रमुख वास्तुविद डॉक्टर ख़ुशदीप बंसल एवं देश के प्रमुख ज्योतिषविद एवं भारतीय संस्कृति के प्रवचनकर्ता एवं महाकाल की भूमि उज्जैन के आचार्य दुर्गेश तारे ने भी कहा की दिवाली के बाद ग्रहों की स्तिथि के अनुसार देश के व्यापार में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन होगा। 

कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सीभरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की दिवाली पर अन्य मनाये जाने वाले त्यौहार में धनतेरस 13 नवम्बर, दिवाली 14 नवम्बर , गोवर्धन पूजन 15 नवम्बर ,भैया दूज 16 ,छठ पूजा 20 नवम्बर एवं तुलसी विवाह 26 नवम्बर को मनाना प्रमुख रूप से शामिल हैं 

इन पर्वों को उत्साह एवं उमंग के साथ मनाने के लिए बाज़ारों में विशेष रूप से खिलौने, ड्राई फ़्रूट, गिफ़्ट आर्टिकल्ज़, रेडीमेड गारमेंट्स, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्ज़, होम फ़र्निशिंग, बर्तन , किचन उपकरण एवं किचन का सामान , बिजली का सामान , दुकान एवं घर सजाने का सामान , एफ़एमसीजी उत्पाद, उपभोक्ता की प्रतिदिन काम में आने वाली वस्तुएँ , मिठाइयाँ , होम फ़र्निशिंग, टैपस्ट्री, बर्तन, क्रॉकरी। पकवान एवं चोक्लेट के गिफ़्ट पेक, फलों की गिफ़्ट टोकरियाँ , दिवाली पूजा का सामान , धूपबत्ती, अगरबत्ती एवं गूगल की सुगंध वाली वस्तुओं आदि की माँग उपभोक्ताओं में पिछले दो दिनों में बढ़ी है।  वहीं धनतेरस के मौक़े पर सोना चाँदी, बर्तन एवं रसोई के सामान के व्यापारी बड़े व्यापार की उम्मीद कर रहे हैं। 

चीन को लगेगा तगड़ा झटका

कैट के आह्वान पर देश भर के बाज़ारों में चीनी सामान का पूरी तरह से बहिष्कार हो रहा है। विशेष बात ये है की जहां व्यापारी चीनी सामान बेच नहीं रहे हैं वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता पूरी तरह से चीनी सामान ख़रीदने के प्रति बिलकुल भी उत्साहित नहीं है। चीनी सामान सस्ता मिला है और उपभोक्ता इसलिए ख़रीदते हैं।  यह दावा भारत के लोगों को एक सिरे से ख़ारिज कर दिया है। खंडेलवाल ने बताया की दिवाली त्यौहारों की इस शृंखला के ज़रिए देश भर के बाज़ारों में लगभग 60 हजार करोड़ रुपए के व्यापार होने का अनुमान है जिसमें प्रतिवर्ष चीन द्वारा किए जाने वाले लगभग 40 हज़ार करोड़ रुपए के व्यापार का बड़ा नुकसान चीन को होना तय है। कैट के आवहान पर लोग पूरी तरह से देश के सभी हिस्सों में इस बार हिंदुस्तानी दिवाली मनाने के लिए तैय्यार हैं। 

भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत का सालार रूप इस बार दिवाली पर देश भर में दिखाई देगा। कैट ने देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों, हस्तकला कारीगरों एवं अन्य प्रमुख वस्तुओं को बनाने वाले लोगों से सम्पर्क कर उनके द्वारा बनाए गए सामानों को देश भर में व्यापारी संगठनों की शृंखला के द्वारा एक बड़ा लोकल बाज़ार उपलब्ध कराया है जिसमें विशेष रूप से घर , दुकान , ऑफ़िस आदि को सजाने का सामान अनेक नए डिज़ाइनों में देश भर में बेचा जा रहा है। 

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