CM Mohan Yadav ने 31 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 में हिस्सा लेते हुए कहा कि आज का आयोजन दर्शाता है कि विश्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश ऐसे ही नहीं बदलता, बल्कि इसके लिए मन में संकल्प, नवीनता और विविधता की आवश्यकता होती है। यह मंच केवल विक्रेताओं का नहीं, बल्कि खरीदारों का भी है। उन्होंने बताया कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जबकि मोदी सरकार बनने से पहले हम 11वें स्थान पर थे।
व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल माहौल तैयार
CM Mohan Yadav ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगपतियों को हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यदि कोई उद्योग रोजगार परक है और महिलाओं को काम पर रखता है, तो सरकार प्रति महिला कर्मचारी 6 हजार रुपये प्रतिमाह दस वर्षों तक देने को तैयार है। साथ ही, पहले जहां उद्योग शुरू करने के लिए 29 तरह की अनुमतियां चाहिए होती थीं, अब वह संख्या घटाकर 10 कर दी गई है। पानी-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर सब्सिडी देने की भी व्यवस्था की गई है। CM Mohan Yadav ने कहा कि हमने व्यापार में रुकावट पैदा करने वाले 42 पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया है, जिससे निवेशकों को और अधिक सहूलियत मिल सके।

एमपी को टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में कदम
कार्यक्रम में डॉ. यादव ने टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों से राउंड टेबल चर्चा की और मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर साल लगभग 18 लाख गांठ कपास का उत्पादन होता है और हम जैविक कपास के भी अग्रणी उत्पादक हैं। उन्होंने ‘खेत से कपड़े तक’ की पूरी वैल्यू चेन पर काम करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति 2025 का भी उल्लेख किया, जो उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।
उद्योगपतियों को एक मजबूत भरोसा और आमंत्रण
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एक सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को 30 दिन के भीतर संचालन की गारंटी देती है। उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि “आप बताइए, हम पूरा करेंगे। आप जो मापदंड चाहते हैं, हम उससे भी ऊंचे मापदंड देने को तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार न केवल उद्योगों को स्थापित कर रही है, बल्कि प्राकृतिक संतुलन का भी ध्यान रख रही है। जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक उत्पादन राज्य की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि आज मध्यप्रदेश न केवल देश में, बल्कि दुनिया में अपनी उद्योग आधारित छवि बना रहा है, और बीएसएल समिट जैसे आयोजनों से यह प्रक्रिया और भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी।


