पतंजलि ने लॉन्च की कोरोना की आयुर्वेदिक दवाई, 7 दिन में ठीक होंगे मरीज : कैसे करना हैं इस्तेमाल जाने बाबा रामदेव के साथ

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नई दिल्ली :- दुनियाभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच योगगुरू बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस की आयुर्वेदिक दवा बनाने का दावा किया है। पतंजलि के योगगुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका एलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रायल में शामिल रहे वैज्ञानिक, डॉक्टर, रिसर्चर भी मौजूद रहे। कोरोना वायरस को मात देने वाली इस आर्युवेदिक दवा का नाम “कोरोनिल” कोरोना किट दिया गया है।

स्वामी बाबा रामदेव ने कहा कि संपूर्ण साइंटिफिक डॉक्यूमेंट के साथ श्वासारि वटी, कोरोनिल, कोरोना की एविडेंस बेस्ड पहली आयुर्वेदिक औषधि है। पतंजलि के मुताबिक, यह रिसर्च संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (PRI) हरिद्वार, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है। दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार के द्वारा किया जा रहा है।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, ”आज हम ये कहते हुए गौरव अनुभव कर रहे हैं कि कोरोना की पहली आयुर्वेदिक, क्लीनिकली कंट्रोलड, ट्रायल, एविडेंस और रिसर्च आधारित दवाई पतं​जलि रिसर्च सेंटर और NIMS के संयुक्त प्रयास से तैयार हो गई है। इस दवाई पर हमने दो ट्रायल किए हैं, 100 लोगों पर क्लीनिकल स्टडी की गई उसमें 95 लोगों ने हिस्सा लिया। 3 दिन में 69 प्रतिशत मरीज़ ठीक हो गए, 7 दिन में 100% मरीज़ ठीक हो गए.” हैं।

वहीं आचार्य बालकृष्ण ने कहा, आज पतंजलि परिवार के लिए बहुत बड़ा दिन है। मानवता की सेवा में विनम्र प्रयास पूरा होने की खुशी आप सब से साझा करते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है। पतंजलि के सभी वैज्ञानिकों NIMS यूनिवर्सिटी के डॉक्टर बलवीर सिंह जी व सभी डॉक्टरों को बधाइयां आपका प्रयास आज साकार हो रहा है आयुर्वेद अब अपने अतीत के वैभव को प्राप्त कर शक्ति संपन्न बनेगा।

आगे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि सेवा का दूसरा नाम है, यह शब्दों से नहीं कर्मों से झलकता है। स्वामी रामदेव का नेतृत्व हमें ऊर्जा देता है, सृजन तो परमात्मा की कृपा है, हम तो निमित्त मात्र हैं।

स्वामी बाबा रामदेव से जाने कोरोनिल से कैसे ठीक होंगे मरीज

क्या हैं कोरोना औऱ कैसे फैलता हैं

कोरोना वायरस संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

कोरोनिल क्या हैं, किन जड़ीबूटियों के मिश्रण से बनाया हैं

गिलोय, अश्वगंधा, काकड़ा सिंही, रुदन्ति, अकरकरा, दालचीनी, लौंग, तुलसी, पीपली, सौंठ, अदरक, हल्दी, मुलेठी, कपर्दक, गोदन्ती आदि के मिश्रण से बनाया गया है।

दरअसल इसे 23 जून 2020 को पतंजलि द्वारा लांच किया गया है। पतंजलि विश्व की पहली आयुर्वेदिक कम्पनी है, जिसने कोरोना की इस बिमारी की दवा को खोज लिया है।

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