बच्चों के लिए भी घातक होता है , Air pollution इससे बचने के लिए आप कुछ टिप्स जाने 

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By Sharma Published On: November 20, 2020
air pollution.

वायु प्रदूषण (Air pollution) केवल बड़ों के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी घातक होता है. एक रिसर्च के अनुसार पिछले साल 1.16 लाख नवजात बच्चों की मौत वायु प्रदूषण की वजह से हुई थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2016 की रिपोर्ट के अनुसार 543000 नवजात में श्वसन समस्या, कोग्निटिव विकास और अन्य लम्बी चलने वाली बीमारियां देखी गई. यह जरूरी नहीं है कि वायु प्रदूषण सिर्फ बाहर ही होता है| 

 

 

घर में भी कई तरह के प्रदूषक छिपे हो सकते हैं और इनसे अपने नवजात को बचाना जरूरी है. जन्म से पहले भी प्रदूषक तत्व उन पर असर डाल सकते हैं. इससे बचने के लिए आप कुछ टिप्स इस्तेमाल कर सकते हैं.

 
 
 
घर पर ह्यूमिडिफायर लगाने का विचार करें सांस सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त लोगों को डॉक्टर एयर प्यूरीफायर लगाने की सलाह देते हैं. प्यूरीफायर में कई तरह के फ़िल्टर होते हैं जो अशुद्ध हवा को घर से बाहर निकालने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह जीवाणुओं को भी बाहर निकालकर घर के अंदर की हवा को शुद्ध बनाने का काम करता है.
आपको इसे लगाने पर विचार करना चाहिए. बाहर सीमित मात्रा में ही जाएं बाहर की हवा सांस जैसी समस्या पैदा करने के लिए पर्याप्त है. जिन लोगों की प्रतिरोधन क्षमता कमजोर है, उन्हें बाहर निकलने से पहले सोचना चाहिए.छोटे बच्चों और बुजुर्गों को बाहर काफी सीमित मात्रा में ही निकलना चाहिए. नवजात बच्चों को बाहर ले जाने से बचना चाहिए और बड़े बच्चों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करना चाहिए| 
परफ्यूम और पेंट जैसी चीजें बच्चों से रखें दूर परफ्यूम और पेंट जैसी चीजें हवा में हानिकारक कण छोड़ते हैं जिसने नवजात बच्चों को दूर रखना अहम बात है 
 
 
 
सांस के साथ ये कण अन्दर जाकर टॉक्सिक हो सकते हैं. आगे घर में छोटे बच्चे हैं. तो इन पदार्थों को उनसे दूर रखने में ही भलाई है. शिशु के रूम की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें हालांकि धूप से विटामिन डी मिलता है लेकिन दिन के समय खिलाड़ियों से जहरीले प्रदूषक भी प्रवेश कर जाते हैं. इसके अलावा धूल की ज्यादा साफ़ सफाई का काम करने से बचें| 
अगर आप वेंटिलेशन चाहते हैं, तो दोपहर का समय तुलनात्मक रूप से ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है. बच्चे को लगातार ब्रेस्टफीड करें बच्चे के पोषण और प्रतिरोधन के लिए स्तनपान सबसे बेहतर उपाय है. मां का दूध बच्चे के लिए सबसे पौष्टिक आहार माना जाता है. शिशु को नियमित अंतराल पर स्तनपान कराते रहने से छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने के लिए उसमें प्रतिरोधन क्षमता विकसित होती रहेगी|