वास्तु दोषों को दूर करने में सक्षम मानी जाती है गाय

हिन्दू धर्म में गाय का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गाय के शरीर में सभी देवी और देवता वास करते हैं। गाय के दूध और उसके गोबर की उपयोगिता के कारण ही वह पूज्यनीय है। भगवान श्रीकृष्ण के गायों के प्रेम से कौन वाकिफ नहीं है। उनका पूरा बाल्यकाल गोसेवा में व्यतीत हुआ है। वास्तु शास्त्र में भी गाय का अपना महत्व है। आइए जानते हैं कि गाय किस प्रकार से वास्तु दोष समेत अन्य कई प्रकार के दोषों को दूर करने में सहायक होती है।

1. कहीं पर यदि भवन निर्माण हो रहा है तो वहां पर बछड़े वाली गाय को बांधने से उस मकान के संभावित वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं। निर्माण कार्य भी बिना बाधा के पूर्ण हो जाता है।

2. जिस घर में गाय की सेवा की जाती है उस घर में पुत्र, पौत्र, विद्या, धन आदि सभी प्रकार के सुख होते हैं।

3. घर पर गाय को पालने से सभी प्रकार की बाधाएं और विघ्न दूर हो जाते हैं। बच्चों में किसी प्रकार का भय नहीं रहता है।

4. विष्णु पुराण में बताया गया है कि पूतना के दूध क सेवन करने से भगवान श्रीकृष्ण डर गए थे तब नंद बाबा ने गाय की पूंछ घुमाकर नजर उतारी थी और उनके भय का नाश किया था।

5. गाय की सेवा करने से संतान लाभ की प्राप्ति होती है।

6. शिव पुराण तथा स्कन्दपुराण में बताया गया है कि गाय की सेवा करने और गो दान करने से व्यक्ति को यमराज का भय नहीं रहता है।

7. पद्मपुराण और गरूड़ पुराण में कहा गया है कि गाय के पैर की धूल भी पाप नाशक होती है।

8. ज्योतिषशास्त्र और धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि गोधूलिवेला विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिस उत्तम मुहूर्त होता है।

9. ग्रहों के दोष से मुक्ति के लिए गाय को ग्रास देने या गो दान करने का उपाय बताया गया है।

 

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