बागेश्वर धाम में सुसाइड, नोट में लिखा- बालाजी सरकार को शरीर समर्पित कर रहा हूं

खजुराहो: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम में एक 27 वर्षीय युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। युवक की पहचान राम प्रसाद लोधी, निवासी गरसम हरैया तहसील, के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने जीवन को समाप्त करने के कारण का जिक्र किया है।

क्या है मामला?

युवक का शव बागेश्वर धाम के अन्नपूर्णा भंडारे के पीछे फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही बागेश्वर धाम चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह यादव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस द्वारा शव के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

परिजनों का बयान

परिजनों ने बताया कि राम प्रसाद दो दिन पहले घर पर झगड़ा करके धाम भाग आया था। बागेश्वर धाम चौकी प्रभारी ने कहा, “युवक के ससुर के अनुसार, वह घर पर पारिवारिक विवाद के बाद धाम आ गया था। हालांकि, यहां आकर उसने आत्महत्या क्यों की, इस पर स्थिति साफ नहीं हो पाई है।”

सुसाइड नोट का खुलासा

पुलिस को राम प्रसाद के पास से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह घर पर अपने बच्चे से मार खाने के बाद धाम आ गया था। उसने लिखा, “मैं अपने बच्चे से घर पर मार खाकर निकला हूं और यहां बालाजी सरकार को अपना शरीर समर्पित कर रहा हूं। इसमें मेरी पत्नी की कोई गलती नहीं है, वह निर्दोष है।”

इस सुसाइड नोट में उसने अपने परिजनों के कुछ मोबाइल नंबर भी दिए हैं, जिनके माध्यम से पुलिस ने उसके परिजनों को सूचित कर दिया है।

पुलिस की कार्रवाई

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड के पीछे के वास्तविक कारणों को जानने की कोशिश कर रही है। बमीठा थाना प्रभारी मोहर सिंह सिकरवार के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

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