दिग्विजय सिंह बोले- राष्ट्रपति से नए संसद भवन का उद्घाटन नहीं कराना आदिवासियों का अपमान

बुरहानपुर। देश के नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों न करवाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के आदिवासियों का अपमान किया है। मोदी जी का अहंकार चरम सीमा पर पहुंच चुका है। वह हर जगह खुद के नाम को प्रचारित करना चाहते हैं। हाल ही में उन्होंने हैदराबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल स्टेडियम का जीर्णोद्धार करा, इसका नाम खुद के नाम पर रख दिया है। यह बात बुधवार को बुधवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों को चर्चा करते हुए कही।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वैसे तो हेरिटेज संसद भवन को छोड़कर नया भवन बनाने की आवश्यकता ही नहीं थी। इसे ही रिनोवेट कराया जा सकता था। उन्होंने भाजपा को आदिवासी विरोधी बताया है। इसके अलावा उन्होंने नोटबंदी और 2000 के नोट बंद करने पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है।

दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि कर्नाटक की हवा मध्य प्रदेश में भी चलेगी। आने वाले विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह के झूठे वादों से नाराज जनता करारा जवाब देगी। कर्नाटक में बजरंग दल को प्रतिबंधित करने के बाद मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाए जाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजरंग दल की तुलना हनुमान जी से करने के लिए प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस को मिली जीत के बावजूद उन्हें इवीएम पर भरोसा नहीं है। भाजपा टुकड़ों में बट गई है। एक शिवराज भाजपा है दूसरी महाराज भाजपा है और तीसरी नाराज भाजपा है।

दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर बुरहानपुर के किसानों, बुनकरों और ऐतिहासिक स्थलों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केला उत्पादक किसानों को बीते 3 साल से फसल बीमा का लाभ नहीं मिला। बुनकरों के उत्थान की आज तक कोई योजना नहीं बनी।

ऐतिहासिक स्थलों से भरे बुरहानपुर को आज तक पर्यटन नक्शे पर नहीं लाया जा सका। इसके अलावा उन्होंने बुरहानपुर सहित पूरे प्रदेश में कट रहे जंगलों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता और अफसर मिलकर जंगल कटवा रहे हैं। यहां से तस्करी की गई लकड़ी तमिलनाडु तक पहुंच रही है। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा, बुरहानपुर विधायक सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।

दिग्विजय सिंह ने 84 के दंगों में कमलनाथ का नाम होने संबंधी आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया है। गत दिनों भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने इस संबंध में एक बयान दिया था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि उनका हाथ था तो आज तक एफआइआर क्यों दर्ज नहीं हुई।

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