भोपाल। एमपी में अब पहली से नौंवी की क्लास तक की परीक्षा भी ऑफलाइन होगी। स्कूली शिक्षा मंत्री ने निर्देश जारी किए हैं। एग्जाम में कोरोना के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। 10वीं और 12वीं परीक्षा में प्रश्न पत्र सरल होंगे। मध्य प्रदेश सरकार ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षा के बाद अब बाकी बची क्लास की परीक्षा भी ऑफलाइन कराने का फैसला लिया है। साथ ही 10वीं और 12वीं की परीक्षा के प्रश्न पत्रों को सरल करने की कोशिश भी की है। स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इसको लेकर बयान भी दिया है।
स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि पहली से लेकर नौंवी क्लास तक की परीक्षा भी ऑफलाइन होगी। इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दसवीं और बारहवीं परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। कोरोना के चलते प्रश्न पत्रों को आसान करने की कोशिश की गई। उन्होंने इसके पीछे वजह बताई की कोरोना के समय बच्चों की ऑनलाइन क्लास की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई है। ऐसे में इस बार परीक्षा के पैटर्न को भी बदला गया है। साथ ही बच्चों से किसी तरीके का सर्टिफिकेट कोरोना के लिहाज से नहीं मांगा जाएगा। यदि सिंगटम होने पर बच्चों के लिए B प्लान तहत व्यवस्था रहेगी।
स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सरकार का फोकस ऑफलाइन परीक्षाओं पर है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को भी 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ खोलने का फैसला लिया गया है। तमाम दिशानिर्देश स्कूलों को जारी कर दिए गए हैं। इसी दिशा निर्देश के तहत 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित की जा रही है। सरकार की तरफ से तैयारी पूरी है।
कोरोना नियमों के तहत व्यवस्थाएं परीक्षा केंद्रों पर की गई है। सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाए इसके लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। 10वीं और 12वीं की परीक्षा के बाद अब बाकी क्लास की परीक्षा पर फोकस है। पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं भी ऑफलाइन होगी। इसके अलावा पहली से लेकर छठवी तक की परीक्षाएं भी ऑनलाइन कराने का फैसला लिया गया है। कई परीक्षाएं भी रहेंगे और बाकी दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। नोट-लाइव यू से इंद्र सिंह परमार वन टू वन स्लग से फीड आरएफसी में डंप हुई है।