सागर।मैं राधाबाई (55 साल) और मेरे पति सोमत आदिवासी (60) जंगल में टपरी बनाकर रहते थे। बेसरा गांव की बस्ती से 3 किमी दूर नदी किनारे हमारी टपरी है। पास ही हमारा खेत है। वो रविवार देर शाम की बात है। हम टपरी में थे। चहलकदमी की आहट सुन पति बाहर निकले। देखा- गांव के चार लोग लकड़ी लेने आए थे। पति ने उन्हें लकड़ी ले जाने से रोका तो वे मारपीट करने लगे। उन्हें बहुत बेहरमी से पीट रहे थे। मैं बचाने पहुंची तो एक आरोपी राजू ने मुझे भी लाठी मारी। मैं बदहवास होकर गिर पड़ी। हम रातभर जंगल में पड़े रहे। आसपास कोई नहीं रहता। दूसरे दिन सुबह देवरानी आई तो मुझे उठाया। पति की मौत हो चुकी थी। दो बेटे गुजरात में मजदूरी करते हैं।
मालथौन थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। महिला ने जितेंद्र, राजू समेत चार लोगों के नाम बताए हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है। मालथौन थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया ने बताया कि आरोपी ग्राम बेसरा के ही रहने वाले हैं और एक ही परिवार से हैं।
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