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प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के बाद अब बिजली का झटका, दूसरी बार महंगी हुई बिजली

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भोपाल। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए बिजली दरें (टैरिफ) जारी कर दी है। आयोग ने बिजली की दरें नहीं बढ़ाकर उपभोक्ताओं को राहत दी है। हालांकि फिक्स चार्ज में 1 रुपए से 8 रुपए तक वृद्धि की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 0.63 प्रतिशत अधिक है।

बिजली कंपनियों ने 2,629 करोड़ घाटे की भरपाई के लिए 6.23 प्रतिशत वृद्धि की अनुमति मांगी थी, लेकिन आयोग ने 10 गुना कम दाम बढ़ाए हैं। दरों में वृद्धि नहीं करने की एक वजह नगरीय निकाय सहित अन्य चुनावों को माना जा रहा है। यही वजह है कि घरेलू और किसानों को राहत दी गई है।मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनियों ने 44,403 करोड़ का सकल राजस्व बताया था। आयोग ने 42,402 करोड़ को ही मान्य किया है। यानी 264 करोड़ का सकल खर्च बढ़ाने की ही अनुमति दी गई है। इस राशि की वसूली बढ़े हुए फिक्स चार्ज से होगी।

घरेलू उपभोक्ता- 30 यूनिट तक पहले 3.25 थी अब 3.25 ही रहेगी, 50 यूनिट तक पहले 4.13 थी अब 4.13 ही रहेगी, 51- 150 यूनिट तक पहले 5.05 थी अब 5.05 ही रहेगी। 150- 300 यूनिट तक पहले 6.45 अब 6.45 ही रहेगी। 300 से अधिक युनिट तक पहले 6.65 अब 6.65 ही रहेगी।फिक्स चार्ज में की बढ़ोत्तरी- पहले 50 यूनिट तक बिजली खपत में शहर में 61 रुपए और गांवों में फिक्स चार्ज 46 रुपए प्रति कनेक्शन लगता था,अब शहर में 64 रुपए और ग्रामीण में 50 रुपए कर दिया गया है।

51 से 150 यूनिट तक बिजली खपत में पहले शहर में 102 रुपए और गांवों में 82 रुपए प्रति कनेक्शन फिक्स चार्ज था, जिसे बढ़ाकर शहर में 109 रुपए और ग्रामीण में 90 रुपए कर दिया गया है।151 से 300 यूनिट तक बिजली खपत में प्रति 15 यूनिट पर शहर में 23 रुपए और ग्रामीण में 20 रुपए फिक्स चार्ज में एक रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।300 यूनिट से अधिक बिजली खपत में प्रति 15 यूनिट पर शहर में 25 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में 23 रुपए फिक्स चार्ज में एक रुपए की बढ़ोतरी की है।

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