अपनी सरकारी कार छोड़कर ई रिक्शा में घूमे ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर

ग्वालियर। ग्वालियर में मंगलवार को एक बार फिर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में हैं। वह भोपाल से ग्वालियर लौटे थे। स्टेशन के बाहर निकले तो मंत्रीजी की लग्जरी कार तैयार थी, लेकिन उनका दिल ई-रिक्शा पर आ गया। फिर क्या था ई-रिक्शा वाले से मंत्री तोमर बोले-भैया घर तक छोड़ दोगे। उसके बाद ई-रिक्शा में शहर के नजारे का आनंद लेते हुए न्यू कॉलोनी नंबर एक हजीरा अपने घर पहुंचे। हालांकि वो मंत्री तोमर से किराया नहीं ले रहा था, लेकिन प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उसे किराया थमाया। जिस समय वह ई-रिक्शा से अपने घर पहुंचे तो कुछ लोग पहचान ही नहीं पाए। पीछे आ रही उनकी कार की ओर देखा कि मंत्री तोमर उतरेंगे, लेकिन ऊर्जा मंत्री तो पहले ही घर पहुंच चुके थे। शहर में निरीक्षण करने के बाद वह गुना के लिए निकल गए हैं।

 

 

ग्वालियर पहुंचते ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल, पटेल स्कूल का निरिक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने हजीरा सिविल हॉस्पीटल का निरिक्षण किया। यहां भर्ती मरीजों के अटेंडेंट से मुलाकात कर जाना कि उनको कोई परेशानी तो नहीं है। उनके मरीज को उपचार बराबर मिल रहा है या नहीं। अस्पताल में रुकने में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। लोगों ने खुलकर अपनी बात कही है।

 

ऊर्जा मंत्री तोमर ने मंगलवार को वार्ड क्रमांक-5 में शील नगर दीक्षित वाली गली में 6 लाख 70 हजार की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं वार्ड 8 चार शहर का नाका स्थित मुक्तिधाम में 76 लाख रूपये की लागत से जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर कहा कि घरों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन हटाने के कार्य का भूमि पूजन जल्द ही किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कई कॉलोनियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

 

 

साथ ही ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपनगर में बेहतर कार्य किया जा रहा है। सिविल अस्पताल बनकर तैयार है, जहां आपको जिला अस्पताल के समकक्ष सुविधायें मिलेंगीं। बहोडापुर पर 30 बेड का अस्पताल बनने जा रहा है। साथ ही गेंडे वाली सडक के उप स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन किया जा रहा है। इसके साथ ही बिरला नगर प्रसूतिग्रह को 50 बेड बनाया जा रहा है, जिसमें बच्चों के लिये एसएनसीयू यूनिट भी बनाई जा रही है, जिससे क्षेत्र के नवजातों को जेएएच या जिला अस्पताल नहीं जाना पडेगा।

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