Dhoom 2 Title Song: ऋतिक के पीछे थिरक रहा वो चेहरा निकला बॉलीवुड का सितारा! मात्र 34 साल की उम्र में दुनिया को कह गया अलविदा

Author Picture
By Sharma Published On: June 14, 2025
Dhoom 2 Title Song: ऋतिक के पीछे थिरक रहा वो चेहरा निकला बॉलीवुड का सितारा! मात्र 34 साल की उम्र में दुनिया को कह गया अलविदा

Dhoom 2 Title Song: साल 2006 में जब फिल्म ‘धूम 2‘ का टाइटल सॉन्ग रिलीज हुआ तो दर्शकों की नजरें ऋतिक रोशन के धमाकेदार डांस मूव्स पर टिक गई थीं। लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि इस गाने में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में मौजूद थे वही लड़का जो आगे चलकर बॉलीवुड का चमकता सितारा बना। हम बात कर रहे हैं सुषांत सिंह राजपूत की जिन्होंने उस समय सिर्फ एक डांसर के तौर पर इंडस्ट्री में कदम रखा था। वह न केवल ऋतिक के पीछे डांस कर चुके हैं बल्कि ऐश्वर्या राय के साथ भी कई स्टेज परफॉर्मेंस का हिस्सा रह चुके हैं।

छोटे पर्दे से शुरू हुआ अभिनय का सफर

सुषांत ने एक्टिंग की दुनिया में एंट्री की टेलीविजन से। उनका पहला शो ‘पवित्र रिश्ता’ इतना लोकप्रिय हुआ कि उन्होंने हर घर में अपनी जगह बना ली। उनकी मासूमियत और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। टीवी की सफलता ने उन्हें फिल्मों की ओर मोड़ा और 2013 में उन्होंने ‘काई पो चे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने ‘शुद्ध देसी रोमांस’ और ‘पीके’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग से खुद को साबित किया और वह हर फिल्म के साथ और मजबूत होते गए।

साल 2016 में जब सुषांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ रिलीज हुई तो उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के किरदार में खुद को इस कदर ढाल लिया कि लोग उन्हें असली धोनी समझ बैठे। इस फिल्म ने उन्हें सुपरस्टार की पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया। उनका अभिनय इतना वास्तविक और गहरा था कि दर्शक भावुक हो उठे। उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह केवल एक सुंदर चेहरा नहीं बल्कि एक मेहनती और समर्पित कलाकार भी हैं। इस फिल्म के बाद उन्हें ‘केदारनाथ’ और ‘छिछोरे’ जैसी फिल्मों में भी खूब सराहा गया।

जब अचानक थम गई जिंदगी की रफ्तार

14 जून 2020 का दिन सिनेमा प्रेमियों के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गया जब खबर आई कि सुषांत अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह अपने मुंबई स्थित फ्लैट में मृत पाए गए। इस खबर ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लोग सदमे में थे कि एक ऐसा इंसान जो बाहर से हमेशा मुस्कुराता था वह अंदर से इतना टूटा हुआ था। उनकी मौत ने नेपोटिज्म और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया और देशभर में एक नई बहस छेड़ दी।

सुषांत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ उनकी मृत्यु के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई और उसने दर्शकों के बीच भावनाओं का तूफान ला दिया। हर दृश्य में सुषांत की मौजूदगी लोगों की आंखों में आंसू ले आई। फिल्म ने कई रिकॉर्ड तोड़े और लाखों लोगों ने इसे उनके लिए श्रद्धांजलि के रूप में देखा। यह फिल्म उनके सफर की अंतिम कड़ी साबित हुई लेकिन उनकी यादें और योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। सुषांत न सिर्फ एक अभिनेता थे बल्कि एक सपना देखने वाला युवा था जिसने असंभव को संभव करने की ठानी थी।