Solar Panel: गर्मियों में पंखा हो या फ्रिज, AC हो या कूलर, सब कुछ दिन-रात चलता है। नतीजा यह होता है कि बिजली का मीटर भागता है और महीने का बिल हजारों में आता है। ऐसे में यह खर्च परिवार के बजट पर बड़ा असर डालता है। इसलिए अब लोग सोलर पैनल की ओर मुड़ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या वाकई सोलर पैनल लगाना सही सौदा है?
सोलर पैनल सूरज की किरणों से ऊर्जा लेकर उसे बिजली में बदलते हैं। इसमें लगे फोटावोल्टिक सेल सूरज की रोशनी को कैद करते हैं और इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करते हैं। यह बिजली फिर आपके घर के पंखे, बल्ब, फ्रिज, टीवी, और यहां तक कि AC तक चला सकती है। यह सिस्टम खासकर दिन में सबसे अधिक काम करता है जब सूरज की रोशनी भरपूर होती है।

खर्च कितना आएगा और क्या-क्या मिलेगा
अगर आप अपने घर पर 1 किलोवाट (kW) का सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं तो इसकी कुल लागत ₹70,000 से ₹85,000 के बीच हो सकती है। इसमें सोलर पैनल, इन्वर्टर, वायरिंग, इंस्टॉलेशन चार्ज और सपोर्ट स्ट्रक्चर सब कुछ शामिल होता है। अगर आप ऑफ-ग्रिड सिस्टम लगवाते हैं तो बैटरी की भी जरूरत होगी। यह 1 किलोवाट सिस्टम 3-4 पंखे और 5-6 LED लाइट्स को आराम से चला सकता है।
सरकार देती है सब्सिडी और मदद
भारत सरकार और राज्य सरकारें सोलर सिस्टम पर सब्सिडी देती हैं। MNRE (Ministry of New and Renewable Energy) के तहत आपको 20% से 50% तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके लिए आपको अपने राज्य की DISCOM से संपर्क करना होगा और वहां से अप्रूव्ड वेंडर के जरिए इंस्टॉलेशन करवाना होगा। सब्सिडी मिलने के बाद आपका खर्च काफी कम हो सकता है।
सोलर सिस्टम में एक बार खर्च करने के बाद 4 से 6 सालों में आपकी लागत वसूल हो जाती है। इसके बाद 20 से 25 साल तक बिजली फ्री मिलती है। यह उन लोगों के लिए बहुत लाभदायक है जिनके घरों में बिजली का ज्यादा उपयोग होता है या जिन इलाकों में बिजली अक्सर कटती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और उन घरों के लिए यह वरदान है जहां हर महीने का बिल जेब पर बोझ बन जाता है।


