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9 जिलों में बाढ़ से हालत ख़राब, मुख्यमंत्री ने घर में ही बनाया कंट्रोल रूम

मध्यप्रदेश। मध्य प्रदश के तीन जिलो में हालिया बरसात के बाद हालात बिगड़े हुए हैं। होशंगाबाद, सीहोर तथा रायसेन में कई गांव बाढ से घिर गए हैं। वहां फंसे अधिकतर लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। शेष को बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है। छिंदवाड़ा जिले में 5  व्यतियों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित बचाया गया है। कल रेस्क्यू कार्य के लिए वायु सेना के हेलीकाप्टर बुलाए गए थे, जो खराब मौसम के कारण नहीं आ पाए हैं। 9 जिलों मे बाढ़ सहायता के लिए सेना बुलाई गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।

प्रदेश के 9 जिलों के 394 से ज्यादा गांवों में भीषण बाढ़ आई है। बाढ़ में फंसे 7 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बाढ राहत के लिए बडी संख्या में राहत शिविर बनाए गए हैं जहां पर रुकने, भोजन, दवाओं आदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने निवास कार्यालय को ही कंट्रोल रूम बना लिया है। चौहान ने आमजन से कहा है कि वे इस विषम परिस्थिति में संयम और धैर्य रखें। बाढ़ में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा तथा शासन की ओर से हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने समाज सेवी संगठनों आदि सभी से आग्रह किया है कि वे बाढ राहत में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। चौहान ने प्रदेश के किसानों से कहा है कि फसल बीमा की तिथि 31 अगस्त कर दी गई है। आप ऋणी हों या अऋणी हो, अभी तक अगर आपने फसल बीमा नहीं करवाया है तो तत्काल फसल बीमा करवाइये। प्रशासन आपको पूरी तरह से सहयोग करेगा। सर्वे के निर्देश भी दे दिए है।

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