नकली मामा के सामने कोर्ट ने रखा 15 लड़कियों की शादी करवाने का प्रस्ताव तो उड़ेहोश

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By Sharma Published On: March 20, 2021

ग्वालियर। मध्यप्रदेश शुक्रवार को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में उस समय एक नकली मामा के दिमाग से समाज सेवा का भूत उतर गया, जब जज ने उनसे कहा कि नारी निकेतन की 15 और लड़कियों की शादी आपको करानी होगी। महंगाई के इस दौर में मामा को जज की बात सुनकर दिन में तारे नजर आ गए और वह न्यायालय से वापस चला गया।

यह नकली मामा अपनी पत्नी के साथ हाई कोर्ट आया हुआ था। दरअसल वन स्टॉप सेंटर में पिछले 7 महीने से रह रही लड़की ने इस कथित मामा के साथ जाने की इच्छा जताई थी। जबकि उसने अपने माता-पिता और असली मामा के साथ जाने से इंकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने पति पत्नी से पूछा ,कि लड़की आपके यहां रहेगी। तो उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं होगी। 

 इस पर दोनों ने ना में सर हिला दिया। इसके बाद जज ने पूछा कि उन्हें लड़की की शादी करना होगी। उसमें भी पति पत्नी ने सहमति दे दी। कोर्ट को नकली मामा और उसकी पत्नी के कथन पर शक हुआ, तब उन्होंने कहा, कि आपको 15 और नारी निकेतन की लड़कियों की शादी कराना होगी। तब मामा ने चुपचाप जज के हाथ जोड़े और वहां से चला गया।यह है मामला दरअसल जनकगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की पिछले साल अगस्त से वन स्टॉप सेंटर में रह रही है। उसका कहना था, कि वह पढ़ना चाहती है लेकिन माता-पिता उसकी नाबालिग होने के बावजूद शादी कर रहे हैं।
 इसी आधार पर उसे कोर्ट ने वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। फरवरी में लड़की बालिग हो गई तब उसने न्यायालय से स्वतंत्र होने की मांग की। इस पर न्यायालय ने कहा, कि वह परिजनों की सुपुर्दगी में ही उक्त लडकी को दे सकते हैं। लेकिन लड़की ने अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया और मामा के साथ जाने की इच्छा जताई। लेकिन जब मामा को कोर्ट ने तलब किया तो वहां एक ही जगह दो मामा पहुंच गए। इनमें एक असली मामा था।
जबकि दूसरा नकली। लड़की का कहना है ,कि वह मुंह बोला मामा है। लेकिन लड़की के माता-पिता उसे जानते तक नहीं है।हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लड़की के माता-पिता और उसके मुंह बोले मामा को तलब किया था। जब नकली मामा अपने कथन से फिर गया। तब कोर्ट ने लड़की को वापस वन स्टॉप सेंटर भेज दिया और उसे समझाइश दी है, कि यदि वह किसी लड़के के साथ शादी करना चाहती है। तो कोर्ट उसमें उसकी मदद कर सकता है। लेकिन उसकी सुरक्षा माता पिता के अधीन ही उचित है ।