ठंड बढ़ते ही हार्ट अटैक बढ़ा, जिम में जरूरत से ज्यादा ना करे ये काम 

भोपाल। कोविड के बाद जिम में कसरत करते समय हार्ट अटैक के मामले बढे हैं। यहां तक कि फीट लोगों को भी अब ब्लडप्रेशर की शिकायतें मिलने लगी है। बड़ी संख्या में अब लोग ब्लडप्रेशर का शिकार हो रहे है। हृदय रोग के विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के दौर में बिगड़ी जीवनशैली और संक्रमण के बाद का दुष्प्रभाव भी हार्ट अटैक का एक कारण हो सकता है। क्योंकि कोरोना के बाद कई लोगों के शरीर में सी- रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) मार्कर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

 

 

ठंड के मौसम में नसें ज्यादा सिकुड़ती हैं और सख्त बन जाती हैं। इससे नसों में गर्मी लाने के लिए हार्ट ज्यादा तेजी से काम करता है। जिससे नस गर्म और एक्टिव रह सकें। इससे ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है । ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी है या जिन्हें पहले भी हार्ट अटैक हो चुका है, उनके लिए ज्यादा ठंड जानलेवा हो जाती है।

 

कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले सामने आने के कोई एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। हाइपरटेंशन, उच्च कालेस्ट्रोल व मधुमेह से पीड़ित अधिकांश लोगों को अपनी बीमारी के विषय में जानकारी नहीं मिल पाती है। ऐसी स्थिति में जिम में जरूरत से ज्यादा व्यायाम व वर्क आउट घातक हो सकता है।

 

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