भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में राज्य का सबसे बड़ा स्किन बैंक शुरू किया गया है, जहां जीवित और मृत दोनों तरह के व्यक्ति अपनी त्वचा दान कर सकते हैं। यह पहल उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जिन्होंने किसी हादसे या आग में झुलसने के कारण अपनी त्वचा खो दी है। स्किन बैंक को कमला नेहरू अस्पताल के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा स्थापित किया गया है, जहां दान की गई त्वचा को एक साल तक डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा जा सकता है।
बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर आशीष लुथरिया ने बताया कि स्किन डोनर के लिए एक टोल फ्री नंबर भी उपलब्ध है। इच्छुक डोनर यहां आकर त्वचा दान कर सकते हैं, या फिर विभाग की टीम उनके पास जाकर स्किन कलेक्ट कर सकती है। लाइव डोनर को 24 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है, और 15 दिनों के भीतर उनकी त्वचा पूरी तरह से ठीक हो जाती है। इसके अलावा, मृत व्यक्ति की त्वचा भी उनके मरने के 6 घंटे के भीतर ली जा सकती है, जिससे 20 से 25 मरीजों को फायदा हो सकता है।
विभाग के प्रमुख डॉक्टर अरुण भटनागर ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण 30 से 60 प्रतिशत तक जल चुकी त्वचा वाले मरीजों को स्किन मिलना मुश्किल हो जाता है। यह स्किन बैंक इस कमी को दूर करेगा। जिस प्रकार लोग अंग और किडनी दान करते हैं, उसी तरह अब त्वचा भी दान की जा सकती है। यह बैंक उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिन्होंने किसी कारणवश अपनी त्वचा खो दी है और जो समाज में शर्मिंदगी के कारण बाहर नहीं आ पाते।
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