الرئيسية प्रदेश शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक आज,इन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी

शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक आज,इन प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी

Shivraj cabinet

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार नीमच में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 97 वर्ग मीटर जमीन आवंटित करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। इसके साथ ही सरकार छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी का नामकरण राजा शंकरशाह करने के लिए अध्यादेश लाएगी। इसके अनुमोदन को मंजूरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जबलपुर में 18 सितंबर को यह घोषणा की थी।

 

जानकारी के अनुसार मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि नीमच में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए नगर पालिका के स्वामित्व वाली 97 हजार वर्गमीटर जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को एक रुपए वार्षिक शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उज्जैन संभाग में अभी मेडिकल कॉलेजों की संख्या पर्याप्त नहीं है।

 

 

 

  • कैबिनेट में राजस्व विभाग के खंडवा में किल्लौद, टीकमगढ़ में दिगौड़ा, खंडवा में मूंदी और बुरहानुपर जिले में धूलकोट नवीन तहसील के निर्णय का प्रस्ताव अनुसमर्थन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नए पद सृजित करने से 24 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रतिवर्ष वित्तीय भार आएगा। इसके साथ ही भोपाल स्थित क्षय चिकित्सालय का उन्नयन रीजनल इंस्टीट्यूट फॉर रेस्पिरेटरी डिसीज में किए जाने के लिए 138 नए पदों को सृजित करने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा।

 

  • पूर्व से संचालित 5 कॉलेजों में नवीन विज्ञान तथा वाणिज्य संकाय शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रदेश में शिक्षा सत्र 2021-22 में 11 नए सरकारी कॉलेज शुरू किए जाएंगे। महाविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर 3 नए सब्जेक्ट शुरू करने के लिए 233 टीचिंग और 228 नॉन टीचिंग पोस्ट के लिए प्रस्ताव किया गया है।

 

  • ग्वालियर विमानतल के विस्तार के लिए 57 हेक्टेयर जमीन होगी आवंटित ग्वालियर विमानतल के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुरार तहसील के लोहारपुर गांव में 57 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जाएगी। नगर और ग्राम निवेश कार्यालय ने भूमि प्राधिकरण को देने में आपत्ति नहीं होना बताया है। बता दें कि अथॉरिटी ने जमीन निशुल्क चाही है। दरअसल, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और खजुराहो विमानतल के लिए पूर्व में निशुल्क भूमि दी गई थी।
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