शिवराज कैबिनेट की बड़ी बैठक में,इन अहम प्रस्ताव को मिली मंजूरी

भोपाल। मध्य प्रदेश के राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली में मेडिकल कालेज भवन के निर्माण को कैबिनेट ने आज प्रशासकीय स्वीकृति दे दी। डेढ़ हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के इन भवनों को बनाने के लिए निर्माण एजेंसी का चयन अलग से किया जाएगा। बारह वर्ष या उससे कम आयु की बच्चियों के साथ होने वाली दुष्कर्म की घटनाओं में फांसी की सजा के प्रविधान करने संबंधी दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को केंद्र सरकार से वापस लिया जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार इससे संबंधित संशोधन कर चुकी है।

 

 

कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के जनजाति बहुल जिलों में चिकित्सा सुविधा के विस्तार को मद्देनजर रखते हुए मेडिकल कालेजों की स्थापना की जा रही है। इन छह कालेजों को मिलाकर प्रदेश में 20 जिलों में मेडिकल कालेज हो जाएंगे। बैठक में राज्य वित्त निगम द्वारा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) से लिए गए ऋण के निपटारे के लिए एकमुश्त समझौता योजना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत निगम को सरकार 90 करोड़ रुपये लघु अवधि के लिए बतौर ऋण उपलब्ध कराएगी, जिससे वह सिडबी के ऋण का भुगतान करेगा। निगम शासन को यह राशि अपना नवनिर्मित व्यवसायिक कार्यालय भवन विक्रय करके देगा। विक्रय की यह प्रक्रिया लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा की जाएगी।

 

 

मध्य प्रदेश राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) को प्रशासन अकादमी से अलग करके स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। संस्थान शैक्षणिक योजना, शैक्षणिक प्रबंधकीय क्षमता का विकास, शिक्षा से जुड़े अधिकारियों की क्षमता संवर्धन करना एवं प्रशिक्षण के लिए वातावरण का निर्माण करने में सहयोग प्रदान करना होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी, मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी और तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की परियोजनाओं के लिए एक हजार 818 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई।

 

 

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि प्रभार के जिलों में जाएं और कोरोना नियंत्रण संबंधी तैयारियों की समीक्षा करें। जिला आपदा प्रबंधन समितियों के साथ बैठक करें और टीकाकरण के लिए आमजन को प्रेरित करें। धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारंभ हो गई है। इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को भी देखें।

 

 

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