Indian Railways: स्लीपर कोच में सीट छिनना बना आम समस्या! रेलयात्री परेशान कंफर्म टिकट होने के बावजूद खड़े रहकर करनी पड़ी यात्रा

Indian Railways में स्लीपर क्लास में सफर करना आज के समय में किसी जंग से कम नहीं है। कई बार यात्री कंफर्म टिकट होने के बावजूद अपनी सीट पर बैठ नहीं पाते। ऐसा ही एक मामला सामने आया है ग्वालियर-बराौनी एक्सप्रेस से, जहां एक यात्री की कन्फर्म सीट पर किसी और ने कब्जा जमा लिया और वह यात्री खड़ा रह गया।

टीटीई भी नहीं दिला सका राहत

जब यात्री ने अपनी सीट पर किसी और को बैठा देखा तो उसने पहले ट्रेन के टीटीई से शिकायत की। लेकिन अफसोस की बात यह रही कि टीटीई भी उस यात्री की मदद नहीं कर सका। मजबूर होकर यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया और अपनी पीड़ा साझा की। वीडियो में स्लीपर कोच की हालत किसी जनरल डिब्बे से भी बदतर दिखाई दी।

रेलवे ने सोशल मीडिया पर दिया जवाब

रेलवे की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया आई। RailwaySeva नामक कस्टमर सर्विस हैंडल ने यात्री से उसका PNR नंबर और मोबाइल नंबर मांगा ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने जवाब में लिखा, “आपको हुई असुविधा के लिए खेद है। कृपया अपना PNR और मोबाइल नंबर साझा करें ताकि हम तुरंत कार्यवाही कर सकें। आप https://railmadad.indianrailways.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं या 139 पर कॉल कर सकते हैं।”

स्लीपर कोच में रोज होते हैं ऐसे हालात

ऐसे मामले अब आम हो गए हैं जहां बिना आरक्षण वाले यात्री स्लीपर या एसी कोचों में घुस आते हैं। जनरल डिब्बों में भारी भीड़ के कारण लोग जबरन आरक्षित कोचों में घुसकर दूसरों की सीटों पर बैठ जाते हैं। इससे उन यात्रियों को भारी परेशानी होती है जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखी होती है। कई बार यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है जबकि उनके पास रिजर्वेशन होता है।

क्या रेलवे करेगा इस पर ठोस कदम?

अब सवाल यह है कि रेलवे इन घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगा। क्या सिर्फ सोशल मीडिया पर जवाब देना काफी है या असल में ट्रेन में सख्त निगरानी और नियम लागू होंगे। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को टीटीई की जवाबदेही और सख्ती दोनों को बढ़ाना होगा ताकि कंफर्म टिकट वाले यात्री सम्मानजनक यात्रा कर सकें।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!