Indore Civil Hospital: नंदानगर में फिर गूंजेगा जीवन, 50 बेड वाले सिविल अस्पताल से बदलेगी सेहत की तस्वीर

Indore Civil Hospital: इंदौर की 65 साल पुरानी लेबर कॉलोनी नंदानगर में अब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने जा रही हैं। यहां आठ करोड़ रुपये की लागत से एक नया सिविल अस्पताल तैयार हुआ है। यह अस्पताल पहले सिर्फ मातृ अस्पताल था लेकिन अब इसे 50 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल में बदल दिया गया है। यहां ऑपरेशन थिएटर से लेकर जांच की सारी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

इस अस्पताल का निर्माण तीन साल पहले शुरू हुआ था। पुरानी जर्जर इमारत को पूरी तरह से गिराकर एक नया पांच मंजिला भवन बनाया गया है। मरीजों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था की गई है और अस्पताल में लिफ्ट भी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पुराने ढांचे को पूरी तरह से नया रूप देकर अब इसे आधुनिक सिविल अस्पताल बना दिया है।

Indore Civil Hospital: नंदानगर में फिर गूंजेगा जीवन, 50 बेड वाले सिविल अस्पताल से बदलेगी सेहत की तस्वीर

50 बेड, आईसीयू और बच्चों के लिए अलग वार्ड

इस नए अस्पताल में 50 बेड की सुविधा होगी। ऑपरेशन थिएटर, पैथोलॉजी लैब और ऑक्सीजन पाइपलाइन जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं यहां उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा कुछ आईसीयू बेड भी रखे गए हैं ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल देखभाल दी जा सके। फिलहाल अस्पताल में करीब 30 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया गया है जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं।

14 जुलाई को होगा उद्घाटन, राष्ट्रपति ने किया था भूमिपूजन

इस सिविल अस्पताल का उद्घाटन 14 जुलाई को किया जाएगा जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इसका वर्चुअल भूमिपूजन 28 मई 2022 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। इसके बाद से इसका निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया और अब यह अस्पताल मरीजों की सेवा के लिए तैयार है।

नंदानगर कॉलोनी की स्थापना 65 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई थी। उस समय यहां श्रमिक विश्वविद्यालय, स्कूल और मातृ अस्पताल जैसी सुविधाएं दी गई थीं। समय के साथ भवन जर्जर हो गया था लेकिन अब नए सिविल अस्पताल के रूप में यह क्षेत्र फिर से स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन रहा है। इससे पहले इंदौर में ही कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल भी तैयार हुआ था जिसमें हर दिन 500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं।

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