Indore Suicide Case: मोबाइल गेम बना मौत की वजह! इंदौर में 13 साल के बच्चे की आत्महत्या, खेल-खेल में हारी जिंदगी

Indore Suicide Case:  इंदौर शहर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां एक 13 साल के बच्चे ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना उसके जन्मदिन के ठीक दूसरे दिन हुई जिससे पूरे परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा। बच्चा आठवीं कक्षा में पढ़ता था और बिल्कुल सामान्य ज़िंदगी जी रहा था। पर किसी को भी अंदाज़ा नहीं था कि ऑनलाइन गेम के चक्कर में वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।

फ्री फायर गेम बना मौत की वजह

बच्चा अपने मोबाइल फोन पर फ्री फायर नाम का ऑनलाइन गेम खेलता था। इस गेम में पैसे लगाने का ऑप्शन होता है और इसी चक्कर में बच्चे ने अपनी मां के डेबिट कार्ड से ₹2800 खर्च कर दिए। जब पैसे कट गए तो उसने अपनी मां को यह बात बता दी। मां ने हल्के गुस्से में कहा कि पढ़ाई छोड़कर गेम खेलता है और पैसे भी गंवा दिए। इस डांट से बच्चा घबरा गया और यह सोचने लगा कि पापा को पता चलेगा तो डांट बहुत पड़ेगी।

मां काम में लगी रही और बच्चा चला गया

मां ने उसे डांटने के बाद अपने घरेलू कामों में खुद को व्यस्त कर लिया और बच्चे को उसके हाल पर छोड़ दिया। शायद मां को भी अंदाज़ा नहीं था कि बेटा इतनी छोटी सी बात को दिल पर ले लेगा। लेकिन जैसे ही मां अपने काम में व्यस्त हुई, बच्चा अपने कमरे में गया और फांसी लगा ली।

भाई ने देखा तो उड़ गए होश

जब बच्चे का बड़ा भाई कमरे में गया तो उसने छोटे भाई को लटकता देखा। वह तुरंत मां और परिवार वालों को बुलाकर लाया और बच्चे को नीचे उतारा। तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या सिखाती है यह घटना?

यह घटना हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी है कि आज की डिजिटल दुनिया में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान देने की ज़रूरत है। सिर्फ फोन देना और फिर डांट देना काफी नहीं है। बच्चों से संवाद बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। गेम की लत और डर का मिलाजुला असर कभी-कभी इतने खतरनाक फैसले की वजह बन सकता है।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!