Irrelevant Property Case: सोमवार सुबह जब लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे तभी आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW की टीम ने मध्यप्रदेश के जबलपुर, भोपाल और सागर में जनजातीय कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सर्वटे के घरों और ठिकानों पर एक साथ छापा मार दिया। 50 से अधिक सदस्यों की इस टीम ने 22 घंटे तक सघन तलाशी ली। जांच की शुरुआत एक शिकायत के बाद हुई जिसमें कहा गया था कि सर्वटे ने अपनी आमदनी से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है।
जबलपुर में करोड़ों की संपत्ति और शानदार पुश्तैनी मकान
EOW टीम को जबलपुर में सर्वटे के नाम पर 3.25 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति मिली है। आदर्शनगर इलाके में बना उनका आलीशान पुश्तैनी घर जिसकी कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है वह भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा उनके भाई राजा सर्वटे के नाम पर 6.5 लाख रुपये की प्लॉट की रजिस्ट्री भी मिली है।

भोपाल और सागर में भी मिली बड़ी संपत्ति और कीमती सामान
भोपाल के बाग मुगालिया और होशंगाबाद रोड पर दो मकान और एक फ्लैट की जानकारी मिली है जिनकी अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये से ज्यादा है। सागर में भी कुछ संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं जिनकी वैल्यूएशन अभी चल रही है। इतना ही नहीं सर्वटे की मां के नाम पर 10 अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। यह सभी भी जांच के घेरे में हैं।
शराब की बोतलें, नकद और गहने भी जब्त
भोपाल स्थित आवास की तलाशी के दौरान टीम को 1.5 लाख रुपये की 56 महंगी शराब की बोतलें मिलीं। साथ ही घर से 10 लाख रुपये नकद और 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा बीमा कंपनियों में किए गए निवेश और बैंक डिटेल्स भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं।
तीन टीमें कर रही हैं तह तक जांच और जल्द होगी एफआईआर
EOW ने इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई हैं जो जबलपुर, भोपाल और सागर में अलग-अलग जगहों पर जांच कर रही हैं। सभी दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद जगदीश सर्वटे के खिलाफ बेनामी और अनुपातहीन संपत्ति के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


