Jabalpur Temple Row: 16 जुलाई को जबलपुर बंद का …

Jabalpur Temple Row: जबलपुर के मादई इलाके में स्थित एक मस्जिद को लेकर भूमि विवाद एक बार फिर गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (BD) ने आरोप लगाया है कि यह मस्जिद बल गायत्री मंदिर की ज़मीन (खसरा नंबर 169) पर अवैध रूप से बनाई गई है। इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए हिंदू संगठनों ने 16 जुलाई को जबलपुर बंद का ऐलान कर दिया है।

खसरा नंबरों में बड़ा अंतर, आरोपों की बौछारJabalpur Temple Land Row: जबलपुर के मादई इलाके में स्थित एक मस्जिद को लेकर भूमि विवाद एक बार फिर गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (BD) ने आरोप लगाया है कि यह मस्जिद बल गायत्री मंदिर की ज़मीन (खसरा नंबर 169) पर अवैध रूप से बनाई गई है। इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए हिंदू संगठनों ने 16 जुलाई को जबलपुर बंद का ऐलान कर दिया है।

हिंदू संगठनों का दावा है कि खसरा नंबर 169 की ज़मीन, जहां पर बल गायत्री मंदिर स्थित है, 1975 से सरकारी रिकॉर्ड में मंदिर की ज़मीन के रूप में दर्ज है। वहीं वक्फ बोर्ड को केवल खसरा नंबर 165 की 1000 वर्ग फुट ज़मीन आवंटित की गई थी जो वर्तमान मस्जिद से लगभग 40 मीटर दूर है। संगठनों का आरोप है कि मस्जिद करीब 3000 वर्ग फुट पर बनाई गई है जिसमें अवैध दुकानें भी शामिल हैं।

इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मस्जिद की आड़ में एक अवैध मदरसा भी चल रहा है और सरकारी सीमांकन का गलत उपयोग हो रहा है। नायब तहसीलदार की 29 अक्टूबर 2021 की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि मस्जिद खसरा नंबर 169 पर बनी है न कि 165 पर।

 प्रशासन पर पक्षपात के आरोप और आंदोलन की चेतावनी

VHP विभाग मंत्री पंकज श्रीवास्तव ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उसने बिना जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की पुष्टि के मस्जिद समिति को क्लीन-चिट दे दी। उनका कहना है कि इससे हिंदू समाज में भारी रोष है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले मस्जिद समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन दस्तावेजों की कमी के चलते उसे वापस ले लिया गया।

इस पूरे मामले को लेकर संगठन तीन दिनों तक आंदोलन की योजना बना चुके हैं:

14 जुलाई: कलेक्टर की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली जाएगी।

15 जुलाई: जबलपुर संभाग के सभी 41 ब्लॉकों में पुतले जलाए जाएंगे।

16 जुलाई: जबलपुर बंद का ऐलान किया गया है।

यदि इस विवाद का हल निष्पक्ष तरीके से नहीं निकाला गया, तो संगठनों ने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

 प्रशासन सतर्क, शांति की अपील

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार विवादित स्थल की निगरानी कर रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

यह विवाद न सिर्फ धार्मिक बल्कि प्रशासनिक चुनौती भी बन गया है। आने वाले दिनों में इसका असर जबलपुर की सामाजिक स्थिति पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।

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