भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमल नाथ की पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर भूमिकाओं को लेकर समय-समय पर कयास लगते रहते हैं। इसे लेकर स्थिति भले ही स्पष्ट न हो, लेकिन राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर नीति निर्धारण में उनकी भूमिका रहेगी। उनकी शनिवार को कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से करीब एक घंटा हुई मुलाकात में इस विषय पर चर्चा हुई। इसके बाद कमल नाथ ने भोपाल में सोमवार को प्रदेश के चारों उपचुनाव के प्रत्याशियों, चुनाव प्रभारी, जिला और ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक बुलाई है। इसमें हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। वहीं, मंगलवार को भोपाल में सभी जिला प्रभारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें सदस्यता अभियान को गति देने के अलावा आगामी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसके लिए कांग्रेस तैयारियां प्रारंभ करने जा रही है। त्योहारों की वजह से एक नवंबर से प्रारंभ हुआ सदस्यता अभियान गति नहीं पकड़ पाया था, इसे अब मतदान केंद्र स्तर तक ले जाया जाएगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू की जन्मतिथि 14 नवंबर से जन जागरण अभियान होगा। इसमें कांग्रेस की रीति- नीति के बारे में जनता को बताया जाएगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ सोमवार को खंडवा संसदीय क्षेत्र सहित पृथ्वीपुर, जोबट और रैगांव विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की परिणामों की समीक्षा करेंगे।
कमलनाथ रैगांव में पार्टी की उम्मीदवार कल्पना वर्मा पर भरोसा करने के लिए मतदाताओं का आभार जताने के लिए दस नवंबर को रैगांव जाएंगे। वे वहां सभा को संबोधित करेंगे। उधर, मंगलवार को सभी जिला प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्र पर कार्यकर्ताओं की नए सिरे से टीम बनाने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही 50 लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गांव-गांव में अभियान चलाने के संबंध में दिशानिर्देश भी दिए जाएंगे।
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