Kidney Infection: किडनी हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है जो खून को साफ करता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जब किडनी में संक्रमण हो जाता है तो ये सारे काम बिगड़ जाते हैं। इस संक्रमण को पायलोनेफ्राइटिस कहते हैं जो आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से शुरू होता है और धीरे-धीरे किडनी तक पहुंच जाता है। अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह किडनी को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है और खून में इंफेक्शन तक फैल सकता है।
किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा
सबसे आम वजह होती है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का बढ़ना। जब बैक्टीरिया यूरिन के रास्ते किडनी तक पहुंचते हैं तो वहां इंफेक्शन हो सकता है। यह समस्या महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है क्योंकि उनका मूत्रमार्ग छोटा होता है और बैक्टीरिया जल्दी पहुंच जाते हैं। जो लोग पेशाब रोककर रखते हैं या कम पानी पीते हैं उन्हें भी यह खतरा होता है। किडनी स्टोन, डायबिटीज, गर्भावस्था या कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे लोग जिन्हें बार-बार यूरिन इंफेक्शन होता है या जो कैथेटर का इस्तेमाल करते हैं उन्हें भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।

किडनी इंफेक्शन के लक्षण
डॉ. हिमांशु वर्मा के अनुसार किडनी इंफेक्शन के लक्षण धीरे-धीरे या अचानक भी आ सकते हैं। इसमें तेज बुखार, कंपकंपी और कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द शामिल है। पेशाब करते समय जलन, बार-बार या बहुत कम पेशाब आना भी संकेत हो सकते हैं। कुछ लोगों के पेशाब में बदबू, झाग या खून भी नजर आ सकता है। शरीर में थकावट, जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना भी सामान्य लक्षणों में आता है। अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
बढ़ते संक्रमण के खतरनाक संकेत
अगर संक्रमण बढ़ता है तो मरीज को चक्कर आ सकते हैं या ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है। मानसिक भ्रम की स्थिति भी बन सकती है। यदि ये लक्षण दो से तीन दिन से ज्यादा समय तक बने रहते हैं या तेज़ी से बढ़ते हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। देर करने पर यह संक्रमण किडनी फेलियर में बदल सकता है जो जानलेवा साबित हो सकता है।
किडनी को बचाने के आसान उपाय
रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे आसान और असरदार तरीका है। कभी भी पेशाब को ज्यादा देर न रोकें। खासकर महिलाएं टॉयलेट के बाद सही तरीके से सफाई रखें। हेल्दी और न्यूट्रिशन युक्त डाइट लें। अगर यूरिन इंफेक्शन के लक्षण दिखें तो तुरंत इलाज कराएं। डायबिटीज या किडनी रोग के मरीज समय-समय पर चेकअप करवाते रहें। बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी एंटीबायोटिक न लें क्योंकि इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है।


