Madhya Pradesh के खंडवा जिले में स्थित दादा धूनीवाले मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बुधवार रात 12 बजे तक ही एक लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके थे। यह मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जो 24 घंटे खुला रहता है। इसी कारण से यहां रात के समय भी दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
भक्तों की सुविधा के लिए की गई बड़ी व्यवस्थाएं
जैसे-जैसे भक्तों की भीड़ बढ़ी वैसे-वैसे मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्थाएं और तेज कर दीं। पहले मुख्य गेट से प्रवेश दिया जा रहा था लेकिन भीड़ बढ़ने पर गेट नंबर छह से भी श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। मंदिर परिसर में एक समय में 50 हजार लोगों के इंतज़ार की व्यवस्था की गई है। बारिश से बचाव के लिए वॉटरप्रूफ डोम्स लगाए गए हैं और अंदर प्रवेश के लिए ज़िगज़ैग बैरिकेडिंग की गई है।

प्रशासन और सेवा दल का शानदार प्रबंधन
मंदिर परिसर में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे पूरे कार्यक्रम की निगरानी हो रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से भी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। दो हजार से अधिक सेवादार और पुलिसकर्मी शहरभर में तैनात किए गए हैं। टीआई और डीएसपी स्तर के अधिकारी हर बैरिकेडिंग प्वाइंट की निगरानी कर रहे हैं। भक्तों की सुविधा के लिए गौशाला बस स्टैंड में पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
भंडारे और प्रसादी से महका खंडवा
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पहले दिन दोपहर से ही शहर के कई इलाकों में प्रसादी वितरण शुरू हो गया। बड़ा बम, रेलवे स्टेशन, बॉम्बे बाज़ार और अनाज मंडी सहित कई जगहों पर भंडारों का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओं को सब्जी-पूरी, चाय-पोहा, पुलाव और गुलाब जामुन जैसी प्रसादी दी जा रही है। पूरा शहर इस समय भक्ति और सेवा के रंग में रंगा हुआ है।
दादा जी की समाधि और अखंड धूनी का दिव्य आकर्षण
दादा धूनीवाले की समाधि पर हमेशा एक अखंड धूनी जलती रहती है जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। गुरु पूर्णिमा और अन्य पर्वों पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गुरुवार को इस महोत्सव का मुख्य आयोजन होना है जिसमें देशभर से लाखों भक्तों के शामिल होने की संभावना है।


