الرئيسيةप्रदेशएमपी में भारत बंद का मिला-जुला असर, उज्जैन में दुकानदार से हुआ...

एमपी में भारत बंद का मिला-जुला असर, उज्जैन में दुकानदार से हुआ विवाद

भोपाल: भारत बंद के दौरान उज्जैन में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) संगठनों के सदस्यों और एक दुकानदार के बीच झगड़ा हो गया। टावर चौक क्षेत्र में प्रदर्शनकारी दुकानें बंद कराने पहुंचे, लेकिन दुकानदार ने मना कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी दुकान का काउंटर धकेलने लगे, जिससे दुकानदार ने आपत्ति जताई और बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया।

वहीं, ग्वालियर में कई स्कूल बंद हैं और कलेक्टर ने मंगलवार रात से ही जिले में धारा 144 लागू कर दी है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में स्कूल और दुकानें सामान्य रूप से खुली हैं। खंडवा में बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है, यहां बाजार पूरी तरह खुल चुका है।

आरक्षण में वर्गीकरण के खिलाफ बुलाए गए बंद का समर्थन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन कर रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने भी इस बंद का समर्थन किया है। धार जिले के मनावर से कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया भी बंद के समर्थन में हैं। कांग्रेस ने फिलहाल इस बंद पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। पुलिस और प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट हैं और सड़कों पर पुलिस के जवान तैनात हैं।

अपडेट्स:

मुरैना: अंबाह में बंद का असर नहीं है। मुख्य चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात हैं जो स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं।
डिंडोरी: यहां बंद का मिला-जुला असर है। कुछ दुकानों ने बंद किया है, जबकि स्कूल और कॉलेज खुले हैं। चौक-चौराहों पर पुलिस मौजूद है।
भोपाल: बाजार और स्कूल सामान्य रूप से खुले हैं। लोगों की आवाजाही सामान्य है।
ग्वालियर: यहां बंद का आंशिक असर है। बारादरी चौराहे पर स्थिति सामान्य है। पुलिस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रयासरत है।
उज्जैन: भारत बंद का मिला-जुला असर है। नियमित दुकानें और स्कूल खुले हैं। सड़क पर ट्रैफिक सामान्य है।
भिंड: दुकानें खुली हैं और ट्रैफिक सामान्य है। पुलिस चौक-चौराहों पर तैनात है।
मनावर: कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को आपस में लड़ना नहीं चाहिए, इससे वे कमजोर होंगे।
भांडेर: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि यह फैसला असंवैधानिक है और शांतिप्रिय तरीके से विरोध किया जाना चाहिए।

RELATED ARTICLES

ترك الرد

من فضلك ادخل تعليقك
من فضلك ادخل اسمك هنا

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!