G-LDSFEPM48Y

Modi Cabinet: ADR की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, 42 प्रतिशत मंत्रियों पर हैं आपराधिक मामले दर्ज

दिल्ली। देशभर की निगाहें नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हुई थी। अब मोदी कैबिनेट का मंत्रिमंडल विस्तार हो गया हैं। केंद्र सरकार के इस नए मंत्रिमंडल में अधिकांश मंत्री दागी हैं। कईयों पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, तो अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं। नेशनल इलेक्शन वॉच और एडीआर की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एडीआर की इस रिपोर्ट को मंत्रियों के चुनावी हलफनामे के आधार पर तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के 78 मंत्रियों में से 42% पर आपराधिक केस है। दो दिन पहले जिन 15 नए कैबिनेट मंत्री और 28 राज्य मंत्री को शपथ दिलाई गई है। उसमें से कई के नाम इस तरह के मामलों में शामिल है। मंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों की संख्या 33 है। वहीं 24 यानी 31% पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज है।

देश के सबसे कम उम्र के नए गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक पर हत्या का मुकदमा दर्ज है। 35 साल के प्रमाणिक पश्चिम बंगाल के कूच बिहार इलाके से आते हैं और उन्होंने 8वीं तक पढ़ाई की है। वहीं चार अन्य मंत्री पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। इसमें अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री जॉन बारला, गृह-युवा व खेल राज्यमंत्री प्रमाणिक, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और विदेश व संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी मुरलीधरन शामिल हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 78 मंत्रियों में से 70 यानी 90 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं। इनकी औसतन संपत्ति 16.24 करोड़ रुपये है। चार मंत्रियों ने अपनी 50 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की है। इनमें नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वाणिज्य उद्योग व कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल, एमएसएमई मंत्री नारायण राणे और कौशल विकास व इलेक्ट्रॉनिकी आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर शामिल हैं।

वहीं 8 मंत्री ऐसे हैं, जिन्होंने बताया है कि उनकी संपत्ति एक करोड़ से कम है। इनमें प्रतिमा भौमिक, जॉन बारला, कैलाश चौधरी, विश्वेश्वर टुडू, वी मुरलीधरन, रामेश्वर तेली, शांतनु ठाकुर और नीतीश प्रमाणिक शामिल हैं। 16 मंत्रियों ने अपनी देनदारी 1 करोड़ से अधिक बताई है। इन 16 में से 3 मंत्रियों ने अपनी देनदारी 10 करोड़ से अधिक है। इनमें नारायण राणे, पीयूष गोयल और कृष्ण पाल शामिल हैं। 12 मंत्रियों यानी 15% ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 8वीं से 12वीं के बीच बताई है, जबकि 64 यानी 82% मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक और उससे ज्यादा बताई है। 2 मंत्रियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता डिप्लोमा बताई है। 2 मंत्री 8वीं पास, 3 मंत्री 10वीं पास तो 7 मंत्री 12वीं पास हैं। 15 मंत्री स्नातक हैं, तो 17 मंत्री व्यावसायिक विषयों में स्नातक हैं। 21 मंत्री के पास पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री है, तो 9 के पास डॉक्टरेट की उपाधि है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!