प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक (Union Cabinet Meeting) में आज कई अहम फैसले लिए गए। इन फैसलों में देश को मैन्युफैक्चरिंग हब (Manufacturing Hub ) बनाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि का ऐलान और पीपीपी के लिए गैप फंडिंग को लेकर है।
मंत्रिमंडल के फैसलों से मीडिया को अवगत कराते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने बताया कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की बैठकें हुईं। इन बैठकों में अर्थ जगत से जुड़े कई फैसले लिए गए।
उन्होंने बताया कि देश को उत्पादन हब बनाने के लिए सरकार ने 10 क्षेत्रों को 2 लाख करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है।
उन्होंने बताया कि जीडीपी (GDP) में उत्पादन सेक्टर (manufacturing Sector) की हिस्सेदारी महज 16 फीसदी की है। देश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए इस हिस्सेदारी को बढ़ाना होगा। इसलिए मोदी सरकार ने दिवाली से पहले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (Production linked incentive) देने का फैसला किया गया है।
प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इस प्रोत्साहन राशि (PLI) के लिए उत्पादन क्षेत्र के 10 सेक्टर्स को चुना गया है।
उत्पादन के 10 प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा। इन सेक्टर्स को 2 लाख करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि निवेश के बाद दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पीएलआई से देश में उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही निर्यात में भी इजाफा होगा। सरकार के इस कदम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। आत्मनिर्भर भारत को साकार करने के नजरिये से यह फैसला लिया गया है।
जिन सेक्टर्स को पीएलआई देने का फैसला किया गया है उनमें मोबाइल फोन इंडस्ट्री, ऑटो मोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स (Auto Components), इलेक्ट्रॉनिक एंड टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट, टैक्सटाइल, फूड इंडस्ट्री, टेलीकॉम और फार्मासिटुकल सेक्टर शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्रोत्साहन नीतियों के चलते ही कई बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी भारत आ चुकी हैं और कई आने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से विदेशी निवेश को तो बढ़ावा मिलेगी ही, साथ ही घरेलू मोबाइल फोन निर्माता कंपनी जैसे- लावा, कार्बन, माइक्रोमैक्स को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि निर्माण क्षेत्र में ग्लोबल चैम्पियन तैयार किए जाएं।
उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि के लिए जिन 10 सेक्टर्स को चुना गया है वे इस तरह हैं-
– एडवांस केमिस्ट्री सैल बैटरी सेक्टर- 18,100 करोड़ रुपये
– इलेक्ट्रॉनिक और टेक्नोलॉजी प्रोडेक्ट- 5,000 करोड़ रुपये
– ऑटो मोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स- 57,000 करोड़ रुपये
– फार्मासिटुकल एंड ड्रग्स सेक्टर- 15,000 करोड़ रुपये
– टेलीकॉम एंड नेटवर्किंग सेक्टर- 12,000 करोड़ रुपये
– टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज- 10,000 करोड़ रुपये
– फूड प्रोडक्ट के लिए- 10,000 करोड़ रुपये
– सोलर पोर्टेबलिटी सेक्टर- 4,500 करोड़ रुपये
– एयर कंडीशनर और एलईडी- 6,200 करोड़ रुपये
स्पेशेलिटी स्टील 6300 करोड़ रुपये