भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार को अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। आज सत्र के दौरान 2024-2025 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा, जिसे डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। इस बजट में राज्य सरकार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित किए जाने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार का यह अनुपूरक बजट लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है। यह पहला अनुपूरक बजट होगा। इससे पहले, विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने खाद-बीज, महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं और अनुसूचित जातियों पर अत्याचार के मुद्दों को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव किया था।
विजयपुर से प्रदेश की जनता ने दिया जवाब: जीतू पटवारी
सोमवार को जवाहर चौक में हुए प्रदर्शन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता हेमंत कटारे सहित कई अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की आलोचना की।
इन नेताओं ने कहा कि सरकार ने वादे किए थे, जैसे लाड़ली बहनों को 3,000 रुपये प्रतिमाह, गेहूं का समर्थन मूल्य 2,700 रुपये प्रति क्विंटल, धान का 3,100 रुपये प्रति क्विंटल, और महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने, लेकिन उन वादों का पालन नहीं किया गया।
प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ और शाम 3:30 बजे तक जारी रहा। विधानसभा घेराव से पहले पुलिस ने धारा 144 लागू करते हुए गिरफ्तारी और रिहाई की घोषणा की थी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “यह प्रदर्शन एक साल के संघर्ष का परिणाम है, जिसका प्रमाण बुधनी और विजयपुर के चुनावों में देखने को मिला। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक सोयाबीन का दाम 6,000 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं का 2,700 रुपये और धान का 3,100 रुपये प्रति क्विंटल नहीं हो जाता।”
उन्होंने जातिगत जनगणना के पक्ष में शपथ भी दिलाई। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा, “भा.ज.पा. को विजयपुर में जनता ने करारा जवाब दिया है।” महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा, “हम सरकार को घुटनों पर लाकर रहेंगे। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में सरकार चुप है।”
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