MP Bridge Controversy: भोपाल से इंदौर तक ब्रिज डिजाइन पर बवाल, अब हर इंजीनियर से होगी पूछताछ

MP Bridge Controversy: भोपाल के अशबाग इलाके में बना 90 डिग्री मोड़ वाला रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पूरे देश में सुर्खियों में है। इसकी डिजाइन इतनी अजीब है कि लोग इसे “Z-शेप ब्रिज” कहने लगे हैं। इसी तरह का एक ब्रिज इंदौर में भी बनाया जा रहा है। इन निर्माणों की गुणवत्ता और डिज़ाइन पर अब सवाल उठने लगे हैं।

PWD इंजीनियरों पर सख्ती, अब देनी होगी परीक्षा

राज्य सरकार ने अब सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों की जवाबदेही तय करने का फैसला किया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अब हर इंजीनियर को निर्माण से जुड़े नियम और तकनीकी मापदंडों का अध्ययन करना होगा। 15 अगस्त के बाद एक विभागीय परीक्षा होगी जिसमें उपयंत्री, सहायक यंत्री और कार्यपालन यंत्री को भाग लेना होगा। वरिष्ठ अधिकारियों को अध्ययन करना अनिवार्य होगा।

MP Bridge Controversy: भोपाल से इंदौर तक ब्रिज डिजाइन पर बवाल, अब हर इंजीनियर से होगी पूछताछ

गुणवत्ता और सुरक्षा बनी प्राथमिकता

PWD के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य भर में चल रहे भवन, सड़क और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण की मजबूती और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन किया जाना चाहिए। इसके लिए इंडियन रोड कांग्रेस, नेशनल बिल्डिंग कोड और IS कोड का पालन अनिवार्य किया गया है।

निर्माण में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई, तय होंगे पोस्टिंग के मानक

जो इंजीनियर इन मानकों को नहीं समझते या पालन नहीं करते उन्हें ज़िम्मेदार कार्य नहीं सौंपा जाएगा। परीक्षा के आधार पर इंजीनियरों की पोस्टिंग तय होगी और उनकी तकनीकी दक्षता का मूल्यांकन होगा। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों की व्यवस्था की जा रही है। विभाग इसका डेटा भी संरक्षित रखेगा जिससे आगे के मूल्यांकन और प्रोजेक्ट अलॉटमेंट में सहायता मिलेगी।

18 करोड़ के ब्रिज पर 35 किमी/घंटा की लिमिट, खतरे का संकेत

भोपाल के इस ROB पर 35-40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की गति से गाड़ी चलाना खतरनाक बताया गया है। यह बात तब सामने आई जब विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने इसकी जानकारी NHAI अधिकारियों से मांगी और रिपोर्ट मंगवाई। अभी यह ब्रिज पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है जबकि निर्माण की शुरुआत मई 2022 में हुई थी और इसे 18 महीने में पूरा होना था।

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