MP budget2026 Public Demand: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 17 फरवरी को इस वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार का बजट लगभग 20,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। इससे पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया, जिसमें विकसित मध्य प्रदेश, लड़ली बहन और महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग
बालाघाट निवासी चित्रसेन पाटले ने कहा कि बजट इस बार सभी वर्गों के हित में होना चाहिए। खासकर रोजमर्रा की जरूरतों पर कर छूट दी जानी चाहिए ताकि आम आदमी की पहुँच में महंगे सामान न आए। दवाओं पर कर हटाया जाना चाहिए क्योंकि दवाओं का निर्माण सस्ता है, लेकिन अंतिम उपयोग तक कीमत बढ़ जाती है। मेडिकल टेस्ट भी बहुत महंगे हैं। सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाया जाना चाहिए और निजी अस्पतालों की मनमानी रोकनी चाहिए।

आदिवासियों और युवाओं की रोजगार चिंता
आदिवासी समुदाय से ललित उइके ने कहा कि सरकार आदिवासियों के नाम पर कई योजनाएं लॉन्च करती है, लेकिन वे सही ढंग से उन्हें नहीं मिलती। प्रधानमंत्री जनमन योजना हो या अन्य योजनाएं, क्रियान्वयन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं, अकाश ठक्कर, जो अपनी पढ़ाई के बाद रोजगार की तलाश में हैं, ने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी देने पर फोकस करे। चाहे सरकारी हो या निजी रोजगार, ग्रामीण स्तर पर छोटे उद्योग बढ़ाकर युवाओं और आम नागरिकों को राहत दी जा सकती है।
व्यापारियों और लाभार्थियों की अपेक्षाएं
बालाघाट के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी देवेंद्र ने कहा कि सरकार का बजट छोटे और मध्यम व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए बनाया जाए। कर में कमी आए तो बिक्री बढ़ेगी और मंदी कम होगी। वहीं, लड़ली बहन योजना की लाभार्थी द्रौपदी बर्मैया ने कहा कि सरकार पैसा देती है, लेकिन महंगाई के कारण उसकी वास्तविक फायदा कम हो जाता है। इसलिए बजट में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।


