MP IAS Transfer: 25 जून के बाद हिलेगी प्रशासनिक कुर्सी! IAS ट्रांसफर लिस्ट पर सीएम-मुख्य सचिव की बैठक

MP IAS Transfer: मध्यप्रदेश सरकार में लंबे समय से IAS अधिकारियों के तबादलों को लेकर अटकलें लग रही थीं। मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच एक घंटे की लंबी बैठक भी हुई जिसमें तबादला सूची को अंतिम रूप देने की चर्चा हुई। माना जा रहा था कि एक-दो दिनों में आदेश जारी हो सकते हैं लेकिन अचानक सब कुछ रुक गया। मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और आगामी अधिकारियों की यात्राओं के कारण यह निर्णय फिलहाल टल गया है।

सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव आगामी शनिवार से दो दिन के दौरे पर जा रहे हैं। वहीं सोमवार और मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय जोन काउंसिल की बैठक होने वाली है। इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। ऐसे में प्रदेश की बड़ी प्रशासनिक फेरबदल की प्रक्रिया को 25 जून के बाद तक के लिए टाल दिया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि तबादलों को लेकर सरकार किसी भी जल्दबाजी में नहीं है और सोच-समझकर निर्णय लेना चाहती है।

MP IAS Transfer: 25 जून के बाद हिलेगी प्रशासनिक कुर्सी! IAS ट्रांसफर लिस्ट पर सीएम-मुख्य सचिव की बैठक

विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो इस बार कलेक्टर स्तर के कई अधिकारी तबादले की सूची में हैं। इनमें नीमच के हिमांशु चंद्रा, अलीराजपुर के अभय अरविंद बेडेकर, शिवपुरी के रवींद्र कुमार चौधरी, रीवा की प्रतिभा पाल, छिंदवाड़ा के शीलेंद्र सिंह और नर्मदापुरम की सोनिया मीणा जैसे नाम चर्चा में हैं। इन अधिकारियों के कार्यकाल, प्रदर्शन और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए विभागीय फेरबदल की तैयारी की गई है। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की सहमति से ही होगा।

तबादलों की इस सूची में केवल कलेक्टर ही नहीं बल्कि अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, राजेश राजौरा, मनु श्रीवास्तव और नीरज मंडलोई जैसे वरिष्ठ नामों की विभागीय अदला-बदली की संभावना है। वहीं प्रमुख सचिव स्तर पर संदीप यादव, रश्मि अरुण शमी, ई. रमेश, अनुपम राजन, विवेक पोरवाल और संजय गोयल जैसे अफसरों को नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं। यह फेरबदल शासन की नीति को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

IAS तबादले केवल चेहरों का बदलाव नहीं होते बल्कि यह शासन की प्राथमिकताओं, राजनीतिक समीकरणों और प्रशासनिक संतुलन को दर्शाते हैं। इस बार तबादलों को लेकर सियासी सरगर्मियाँ भी तेज हैं। अफसरों की नजदीकी, कार्यशैली और मंत्रियों के साथ उनकी तालमेल को आधार बनाया गया है। ऐसे में 25 जून के बाद जब तबादला सूची सामने आएगी तो यह देखना रोचक होगा कि किसे मिली राहत और कौन हुआ बेदखल।

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