MP News: मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के अवसर पर सड़क हादसों और अन्य दुर्घटनाओं का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला रहा। राज्यभर में 108 एंबुलेंस सेवा ने होली के दिन कुल 948 दुर्घटनाओं में लोगों को तत्काल सहायता प्रदान की। इन हादसों में सबसे अधिक सागर जिले में 67 दुर्घटनाएं हुईं। इसके बाद विदिशा में 55 और इंदौर में 46 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जबलपुर में 45, रीवा और सतना में 42-42 दुर्घटनाएं हुईं। ये आंकड़े बताते हैं कि त्योहार के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता और नियंत्रण की जरूरत कितनी अधिक है।
शराब और तेज रफ्तार वाहन हादसों की मुख्य वजह
अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान तेज गति से वाहन चलाना और शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख कारण बनते हैं। पर्व के दिन सड़क पर बढ़ी आवाजाही और रिश्तेदारों तथा दोस्तों से मिलने आए लोगों की भीड़ ने हादसों की संख्या और बढ़ा दी। कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हुए। इंदौर में कुछ लोगों ने अपनी जान भी गंवाई। अधिकारियों ने बार-बार चेताया है कि शराब के नशे में वाहन चलाना घातक हो सकता है और यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।

जिलेवार हादसों का विवरण और हाई रिस्क क्षेत्र
होली के दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए हादसों के आंकड़े बताते हैं कि सागर, विदिशा, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सतना जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए। इसके अलावा रायसेन 41, भोपाल 39, छिंदवाड़ा 30 और धार 28 हादसों के साथ दूसरे प्रमुख जिले रहे। शाजापुर, दतिया और बुरहानपुर जैसे जिलों में कम संख्या में हादसे दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि त्योहार के दौरान बड़े और व्यस्त शहरों के साथ-साथ कुछ छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी दुर्घटनाएं होती हैं।
अस्पताल और आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियां
एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि होली पर दुर्घटनाओं के मद्देनजर अस्पताल के आपातकालीन विभाग में विशेषज्ञों की टीम बढ़ा दी जाती है। 108 एंबुलेंस सेवा पूरे दिन सक्रिय रहती है और जरूरतमंदों को समय पर अस्पताल पहुंचाती है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान शराब पीकर वाहन न चलाएं और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें। इससे न केवल हादसों की संख्या घटेगी बल्कि त्योहार सुरक्षित और खुशहाल तरीके से मनाया जा सकेगा।


