MP News: रायसेन किले के प्राचीन सोमेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

MP News: मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक रायसेन किले पर स्थित प्रसिद्ध सोमेश्वर धाम शिव मंदिर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुंजित रहा। यह प्राचीन मंदिर किले की ऊंचाइयों पर स्थित है और इसकी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व से लोग सदियों से मंत्रमुग्ध हैं। यहां हर साल महाशिवरात्रि पर ही पूजा-अर्चना और दर्शन का विशेष अवसर मिलता है। सूर्योदय की पहली किरण जब मंदिर पर पड़ती है, तो पूरा परिसर सुनहरी आभा में नहाया दिखाई देता है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव की अनुभूति होती है।

दूर-दूर से आए श्रद्धालु

महाशिवरात्रि पर रायसेन और आस-पास के जिलों से हजारों श्रद्धालु प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए यहां आते हैं। मंदिर परिसर में स्थित भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी की प्राचीन मूर्तियां इसके समृद्ध वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मेला और दर्शनार्थियों के लिए विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाओं का प्रबंध किया है। शुद्ध पेयजल, भीड़ नियंत्रण और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। महाशिवरात्रि के अलावा भी पर्यटक पूरे साल किले और मंदिर का दर्शन करते हैं।

MP News: रायसेन किले के प्राचीन सोमेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

अद्भुत वास्तुकला का नमूना

ऊंचे प्लेटफार्म पर बने इस शिव मंदिर की वास्तुकला अद्भुत है। इसमें गर्भगृह, स्तंभ आधारित मंडप, लंबी हॉल और भव्य प्रवेश कक्ष शामिल हैं। मंडप को सहारा देने वाले चार चौकोर स्तंभ और उन पर बने ज्यामितीय आकृतियां देखने लायक हैं। मुख्य द्वार के ऊपरी मध्य भाग में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थित है। मंदिर का आयताकार मंडप 32 चौकोर स्तंभों पर टिका है। इसके सामने एक विशाल हॉल और नीचे बेसमेंट स्थित है। बाहरी दीवार पर संस्कृत और देवनागरी लिपि में अंकित शिलालेख इसकी प्राचीनता का प्रमाण है।

स्वतंत्रता के बाद मंदिर के दरवाजे खुले

स्वतंत्रता के बाद जब रायसेन किला पुरातत्व विभाग के अधीन आया, तो सुरक्षा कारणों से मंदिर में प्रवेश बंद कर दिया गया। जनता का प्रवेश 1974 तक बंद रहा। स्थानीय नागरिकों और संगठनों ने विशाल आंदोलन कर मंदिर की चाबियों को खोलने की मांग की। तब के मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी ने किले का दौरा कर मंदिर के दरवाजे खोलने का आदेश दिया। तब से हर साल महाशिवरात्रि पर प्रशासन और पुरातत्व विभाग की उपस्थिति में मंदिर के दरवाजे खोले जाते हैं और भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस पावन अवसर पर सोमेश्वर धाम फिर से आस्था, इतिहास और वास्तुकला की भव्यता का अद्भुत संगम बन गया।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!