MP News: “अब यह लौटकर नहीं आना चाहिए… यह तुम्हारा काम है।” पत्नी के इन शब्दों ने एक भरोसेमंद रिश्ते को खून से रंग दिया। दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने 10 दिन की कड़ी जांच के बाद सुलझा लिया। शुरुआत में यह मामला अंधे कत्ल जैसा लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 6 फरवरी को हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव मिला था। शव की स्थिति संदिग्ध थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने के कारण पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत थी।
दो दिन बाद हुई पहचान, कब्र से बाहर आया सच
8 फरवरी को मृतक की पहचान हंसराज वर्मा पुत्र रामसिंह वर्मा निवासी झांसी के रूप में हुई। परिजन जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने जेसीबी की मदद से दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया और अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। यहीं से जांच ने रफ्तार पकड़ी। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को सीधे मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके ताऊ के लड़के हेमंत आर्य तक पहुंचा दिया। दोनों के बीच लंबे समय से लगातार फोन पर बातचीत हो रही थी। पुलिस को शक हुआ कि यह सिर्फ सामान्य बातचीत नहीं, बल्कि एक गहरे संबंध का संकेत है। जांच में सामने आया कि हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और पैसों का लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था। इसी बहाने बातचीत शुरू हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई।

4 फरवरी का फोन कॉल और रची गई हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। 4 फरवरी को हंसराज ग्वालियर जाने के लिए निकला था। उसी दिन बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कहा, “अब यह लौटकर नहीं आना चाहिए… यह तुम्हारा काम है।” इस एक वाक्य ने हत्या की पटकथा लिख दी। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को योजना में शामिल किया। 5 फरवरी को दोनों ने हंसराज को शराब पिलाई। नशे में होने पर उसे बाइक से झांसी छोड़ने का झांसा दिया गया। रास्ते में डबरा होते हुए वे गोराघाट पुल तक पहुंचे। पुल पार करते ही सड़क किनारे झाड़ियों में बाइक रोकी गई और मफलर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई। शव को झाड़ियों में फेंककर आरोपी मौके से फरार हो गए।
कॉल डिटेल ने खोला राज, 16 साल का रिश्ता खत्म
पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली तो हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार बातचीत के प्रमाण मिले। रेलवे टिकट, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान ने पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ दीं। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33) निवासी ग्वालियर, अनिल खटीक (35) निवासी ग्वालियर और पत्नी बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, बबीता की शादी को 16 साल हो चुके थे और उसके दो बच्चे हैं। उसने पति पर शराब और मारपीट का आरोप लगाया, लेकिन प्रेम प्रसंग और साजिश ने पूरे रिश्ते को खत्म कर दिया। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने की भयावह कहानी बन गई है।


