MP News: फर्जी दस्तावेजों से भारत में रह रहा था अफगानी नागरिक, मध्यप्रदेश ATS की बड़ी कार्रवाई

MP News: मध्यप्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। राज्य की एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने जबलपुर के ओमती क्षेत्र से अफगानिस्तान के नागरिक सोहबत खान को गिरफ्तार किया है, जो पिछले करीब एक दशक से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था। बताया जा रहा है कि सोहबत खान वर्ष 2015 में अवैध रूप से भारत में घुसा था। शुरुआत में वह पश्चिम बंगाल में रुका, फिर भोपाल होते हुए जबलपुर आ गया।

स्थानीय महिला से विवाह कर छुपाई पहचान

जबलपुर पहुंचने के बाद सोहबत खान ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए स्थानीय महिला से विवाह कर लिया और खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए नौकरी की तलाश की। इतना ही नहीं, उसने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए। 2015 में ड्राइविंग लाइसेंस और 2020 में पासपोर्ट प्राप्त किया, जिसके लिए उसने आधार कार्ड में जबलपुर का फर्जी पता डाला।

MP News: फर्जी दस्तावेजों से भारत में रह रहा था अफगानी नागरिक, मध्यप्रदेश ATS की बड़ी कार्रवाई

10 लाख रुपए में बने थे फर्जी कागज़ात

पूछताछ में खुलासा हुआ कि सोहबत खान ने भारतीय पहचान पत्र बनवाने के लिए स्थानीय एजेंटों की मदद ली और इसके लिए मोटी रकम भी खर्च की। अब तक की जांच में करीब 10 लाख रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। यही नहीं, उसने दो अन्य अफगानी नागरिकों — अकबर और इकबाल — के लिए भी फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मदद की, जिनका पता जबलपुर दर्शाया गया।

स्थानीय सहयोगियों की भी गिरफ्तारी

इस पूरे नेटवर्क में शामिल दो स्थानीय लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक है विजय नगर निवासी वन रक्षक दिनेश गर्ग, जो इस समय कलेक्ट्रेट के निर्वाचन प्रकोष्ठ में तैनात है। दूसरा आरोपी महेन्द्र कुमार है, जो कटंगा क्षेत्र का रहने वाला है। यह दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

देशभर में फैला हो सकता है नेटवर्क

ATS की जांच में यह संकेत मिले हैं कि सोहबत खान के अन्य साथी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। अनुमान है कि फिलहाल 20 से अधिक अफगानी युवक फर्जी पहचान के सहारे देश के विभिन्न हिस्सों में छिपे हुए हैं। ATS इस मामले को देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देख रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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