MP News: मध्य प्रदेश में विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत होते ही राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का आईना है और इसे सदन में सम्मान के साथ सुनना चाहिए।
कांग्रेस पर सीएम का कटाक्ष
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष किया और कहा कि कांग्रेसी बड़े नादान हैं और अक्सर समझने में गलती करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब अपनी विश्वसनीयता खो रही है। उन्होंने कहा, “नाच न जाने आंगन टेढ़ा,” और कहा कि जनता अब कांग्रेस की बातों पर भरोसा नहीं कर रही है। सीएम ने स्पष्ट किया कि अभिभाषण का विरोध करना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है और इसे सार्वजनिक मंच पर उचित ढंग से नहीं किया जाना चाहिए।

बजट सत्र में सकारात्मक चर्चा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने सदन में यह भरोसा दिलाया कि बजट सत्र के दौरान सरकार सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देगी और प्रयास रहेगा कि चर्चा सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से हो। यह संकेत माना जा रहा है कि सरकार विपक्ष को सुनने के लिए खुली है लेकिन वहीं, अनुशासन और मर्यादा की सीमा का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
वंदे मातरम पर सीएम का संदेश
सत्र की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है और इसे सम्मान देना हर नागरिक का फर्ज है। सीएम ने कहा कि ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी को मिलकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उनका यह बयान विधानसभा में राष्ट्रवाद और सद्भावना को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।


