MP News: बुधवार को अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) की अहम बैठक में इंदौर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि इस माह 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शहर की सड़कों पर उतरेंगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पहले चरण में 150 और इलेक्ट्रिक बसें इंदौर को मिलेंगी। इन बसों के संचालन के लिए नैता मुंडला और देवास नाका में दो नए इलेक्ट्रिक डिपो बनाए जाएंगे, जिनका खर्च राज्य और केंद्र सरकार साझा करेंगी।
9 शहरों के लिए इंटरसिटी AC इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में यह भी तय हुआ कि इंदौर से उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार-मांडव और महेश्वर तक 26 इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों में एसी और अन्य आधुनिक सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। साथ ही, इंदौर से कोटा, मंदसौर, नीमच, जीरापुर, और सोयत कला तक भी एसी बसों की सेवा शुरू की जाएगी। कुछ नए रूट्स पर जैसे राजकोट, रायपुर, जयपुर, ग्वालियर, कानपुर, पुणे, मुंबई, अयोध्या आदि के लिए नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष तोहफा देते हुए घोषणा की कि रक्षाबंधन पर सभी सिटी बसों में महिलाएं नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगी। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि डबल डेकर बसें निगम खुद खरीदेगा। दरअसल, पहले दो बार टेंडर निकालने के बावजूद किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई, इसलिए निगम ने स्वयं बसें खरीदने का निर्णय लिया है।

इंदौर-भोपाल के बीच हेलिकॉप्टर सेवा की तैयारी
बैठक में एक और बड़ा निर्णय लिया गया कि इंदौर और भोपाल के बीच हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। इसके लिए EOI (Expression of Interest) आमंत्रित करने का फैसला लिया गया है। इससे दोनों शहरों के बीच तेज़ और सुविधाजनक यात्रा संभव हो सकेगी, जो व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए फायदेमंद होगी।
ई-बाइक्स से लास्ट माइल कनेक्टिविटी होगी बेहतर
सार्वजनिक परिवहन को और प्रभावशाली बनाने के लिए शहर में ई-बाइक सेवा शुरू करने की योजना पर भी विचार किया गया है। मेट्रो या बस से यात्रा करने के बाद लोग अपने अंतिम गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए ई-बाइक्स एक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनेंगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।


