MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। आंबा के पास नवदुर्गा पूनयाखेड़ी रोड फंटे पर करीब 50 मजदूरों से भरी बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि खाई अधिक गहरी नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया और सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रिवर्स लेते समय बिगड़ा संतुलन, वाहन खाई में गिरा
जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब चालक वाहन को यू-टर्न लेने के लिए रिवर्स कर रहा था। इसी दौरान बोलेरो का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बनी पुलिया के पास स्थित खाई में जा गिरी। वाहन की रफ्तार कम होने के कारण बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हादसे के बाद मजदूरों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद पहुंचाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बिना नंबर और ओवरलोड वाहन पर उठे सवाल
हादसे के दौरान सामने आया कि बोलेरो वाहन पर कोई नंबर प्लेट दर्ज नहीं था और यह राजस्थान के दानपुर से मजदूरों को लेकर आ रहा था। हैरानी की बात यह रही कि वाहन जर्जर हालत में होने के बावजूद सड़क पर दौड़ रहा था। हादसे में दो महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं, जबकि बाकी सभी मजदूर सुरक्षित रहे। इस घटना ने एक बार फिर ओवरलोडिंग और अवैध वाहनों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने जेसीबी से निकाला वाहन, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी मशीन और रस्सियों की मदद से लगभग आधे घंटे में बोलेरो को खाई से बाहर निकाल लिया। इसके बाद मजदूर उसी वाहन से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस या प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि हाल ही में धार जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद ओवरलोडिंग और जर्जर वाहनों पर कार्रवाई न होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


