MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लुकवासा क्षेत्र में एक पुल की सख्त जरूरत है। यह इलाका राजस्थान की सीमा से जुड़ा हुआ है और यहां से लगभग 15 गांवों के लोग रोजाना आना-जाना करते हैं। लेकिन करई नदी पर पुल न होने के कारण हर साल बारिश के मौसम में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। नदी अक्सर खतरे के निशान से ऊपर बहती है और लोग ट्रैक्टर या पैदल ही उसे पार करने को मजबूर हैं।
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें एक ग्रामीण गहरे पानी में ट्रैक्टर से नदी पार कर रहा है। यह वीडियो न केवल लोगों की मजबूरी को दिखाता है बल्कि शासन-प्रशासन की आठ साल पुरानी लापरवाही को भी उजागर करता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव में नेताओं से पुल निर्माण का वादा मिलता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब कुछ भुला दिया जाता है।

पंचायत ने भेजे प्रस्ताव, लेकिन अधिकारी मौन
ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद पंचायत स्तर से कई बार पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। फिर भी न तो विभागीय अधिकारी गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। पंचायत सचिव महेश ओझा ने साफ कहा कि पुल निर्माण पंचायत का कार्यक्षेत्र नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रभावित हो रही शिक्षा, इलाज और खेती
पुल न होने से सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई, बीमार लोगों के इलाज और किसानों की खेती पर पड़ रहा है। बारिश के समय स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है। किसी की तबीयत खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाना बड़ा संघर्ष बन जाता है। किसान भी अपने खेतों तक समय पर नहीं पहुंच पाते जिससे फसलें खराब हो जाती हैं।
15 गांवों के लोग अब थक चुके हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से एक बार फिर अपील की है कि करई नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए ताकि उन्हें हर साल डर और खतरे की जिंदगी न जीनी पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।


