MP News: 18 मार्च तक मध्यप्रदेश के जिला मुख्यालयों पर शिक्षकों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटान के शिविर

MP News: मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित क्रमोन्नति, वेतनमान और पेंशन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए बड़ी पहल की है। सोमवार से पूरे प्रदेश में परिवेदना निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने इन शिविरों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इसे मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए हैं ताकि वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया जा सके।

शिविरों में मुख्य रूप से कौन से मामले निपटेंगे

इन शिविरों में शिक्षकों और कर्मचारियों के क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और वेतन वृद्धि से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा। इसके अलावा सेवा अभिलेखों के सुधार और पेंशन से संबंधित लंबित प्रकरणों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन शिविरों में केवल व्यक्तिगत लंबित प्रकरणों को देखा जाएगा, जबकि स्थानांतरण या नीतिगत मांगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

MP News: 18 मार्च तक मध्यप्रदेश के जिला मुख्यालयों पर शिक्षकों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटान के शिविर

सेवानिवृत्ति से पहले वेतन निर्धारण का परीक्षण

आगामी तीन वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण की जांच कोष एवं लेखा विभाग द्वारा कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की वसूली योग्य राशि का निर्धारण सेवानिवृत्ति से पहले ही किया जा सके। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। पूरे अभियान की प्रगति की प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की जाएगी और जिला व संभाग स्तर से प्रतिवेदन संचालनालय को भेजना अनिवार्य होगा।

शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं का ध्यान

स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक शिक्षक और कर्मचारी इसका लाभ ले सकें। शिविर स्थलों पर बैठने, पेयजल, आवेदन प्राप्ति और कंप्यूटर प्रविष्टि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि शिविरों में केवल शिक्षकों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत लंबित स्वत्वों से जुड़े आवेदन ही लिए जाएंगे ताकि प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी बनी रहे।

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