MP News: मध्य प्रदेश गृह विभाग ने सोमवार को AIG राजेश मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। उन्हें 2025 में जयपुर की एक फैशन डिज़ाइनर के साथ यौन उत्पीड़न और लाखों रुपये के गबन के आरोप में नोटिस दिया गया है। चार्जशीट में कहा गया है कि मिश्रा को 15 दिनों के भीतर आरोपों का लिखित जवाब देना होगा। यदि समय सीमा में जवाब नहीं मिलता है, तो नियमों के अनुसार एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जवाब 23 मार्च तक देना अनिवार्य है। गृह विभाग ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच शुरू हो चुकी है और इसका पालन सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
लाखों के धोखाधड़ी के आरोप भी शामिल
फैशन डिज़ाइनर ने AIG राजेश मिश्रा पर 30.59 लाख रुपये के धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया कि मिश्रा और उनकी पत्नी ने जानबूझकर अपने पद का दुरुपयोग किया और उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया। पीड़िता ने इस मामले में ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट स्क्रीनशॉट, तस्वीरें और यात्रा रसीदें भी प्रस्तुत की हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुख्य सचिव को मामला भेजा गया और जांच का आदेश दिया गया।
जांच में मिली दोषसिद्धि और पोस्टिंग में बदलाव
शिकायत मिलने के बाद DGP ने DIG तरुण नायक को मामले की जांच सौंपी। जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई, जिसमें राजेश मिश्रा दोषी पाए गए। हालांकि, यह प्रक्रिया काफी लंबी चली। जांच के दौरान पीड़िता ने बार-बार आरोप लगाया कि PHQ में अपनी पोस्टिंग का फायदा उठाकर मिश्रा जांच में प्रभाव डाल रहे थे। इसी वजह से जनवरी में राजेश मिश्रा को PHQ के CID ब्रांच से हटा कर PTRI में पोस्ट किया गया। इस बदलाव से विभाग ने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश की है।
आगे की कार्रवाई और विभागीय नियम
अब AIG राजेश मिश्रा को गृह विभाग की चार्जशीट का लिखित जवाब देना होगा। यदि 23 मार्च तक कोई जवाब नहीं आता है, तो नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम अधिकारियों और पीड़ित दोनों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। साथ ही यह मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का संदेश भी देता है। विभाग ने सभी अधिकारियों से कहा है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाए और नियमों का पालन अनिवार्य है।


