MP News: जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा एक भयानक त्रासदी में बदल गया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई और कई परिवार उजड़ गए। अचानक आए तेज आंधी-तूफान और ऊंची लहरों ने क्रूज को अनियंत्रित कर दिया, जिससे वह पलट गया। पानी में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। लेकिन इसी भयावह माहौल में खमरिया गांव के लोग बिना किसी देरी के मदद के लिए आगे आए और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
गुड्डी बाई बनीं सच्ची ‘देवदूत’, बचाईं कई जानें
खमरिया गांव की गुड्डी बाई इस हादसे में सबसे आगे रहीं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में डूबती एक महिला को साड़ी के पल्लू से खींचकर बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने लोगों की चीखें सुनीं तो तुरंत मौके पर पहुंचीं। वहां का दृश्य बेहद भयावह था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर लगातार लोगों को बचाने में जुट गईं। उनकी सूझबूझ और साहस ने कई जिंदगियों को नया जीवन दिया।
18 वर्षीय पार्वती बनीं साहस की मिसाल, खुद कूद गईं पानी में
सुंदरपुर गांव की 18 वर्षीय पार्वती वर्मन ने भी असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने शोर सुना तो बिना देर किए डैम की ओर दौड़ पड़ीं और हालात देखकर सीधे पानी में छलांग लगा दी। तैराकी आने के कारण उन्होंने दो लोगों को खुद सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें एक महिला और एक युवक शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर कई लोगों की जान बचाई, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी।
ग्रामीणों ने मिलकर बचाई दर्जनों जानें, प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे हादसे में ग्रामीणों, खासकर महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। कई लोगों को रस्सियों, साड़ियों और हाथों के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने बाद में पहुंचकर 28 लोगों को बचाया और 13 शव बरामद किए। हालांकि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाइफ जैकेट के सही उपयोग और आपातकालीन तैयारियों की कमी ने इस त्रासदी को और भी भयावह बना दिया।


