MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर और मामलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिरों में मंगलवार, 3 मार्च को चंद्रग्रहण के प्रभाव दिखाई देंगे। मंदिरों में इस समय विशेष नियमों का पालन किया जाएगा। इस दौरान दोनों मंदिरों के दरवाजे दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद 7 बजे से 8 बजे तक मंदिर की सफाई की जाएगी और श्रद्धालु 8 बजे से दर्शन के लिए प्रवेश कर सकेंगे।
ग्रहण के दौरान मंदिर और देवताओं की सुरक्षा
मंदिर के पुजारियों का कहना है कि किसी भी ग्रहण के दौरान ओंकारेश्वर और मामलेश्वर मंदिरों के दरवाजे बंद किए जाते हैं। इस दौरान गर्भगृह में कोई भी उपस्थित नहीं रहता। चंद्रग्रहण के समय पूरी तरह से गर्भगृह को बंद रखना आवश्यक होता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर को नर्मदा जल से शुद्ध किया जाता है। भोलनाथ की जलाभिषेक, स्नान और सजावट की जाती है। उसके बाद ही भोग और आरती करने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलती है।

दर्शन और पूजा का समय सारिणी
ओंकारेश्वर मंदिर समिति ने पहले ही चंद्रग्रहण के दौरान दर्शन संबंधी नियमों की जानकारी जारी कर दी है। इससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक असुविधा से बचाया जा सकेगा और वे ग्रहण समाप्त होने के बाद आसानी से दर्शन कर सकेंगे। परंपरा के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद श्रद्धालु पहले नर्मदा नदी में स्नान करते हैं और उसके बाद ही मंदिर में प्रवेश कर पूजा और दर्शन करते हैं। मंदिर में सुबह 4 बजे से 5 बजे तक मंगल आरती होगी। सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक फूल, बेलपत्र और जल लेकर केवल दर्शन की सुविधा रहेगी। इस दौरान कोई जलाभिषेक या अन्य पूजा सामग्री नहीं दी जाएगी।
ग्रहण के बाद दर्शन और आरती का विवरण
मध्याह्न भोग आरती के अनुसार दोपहर 12:20 बजे से 1 बजे तक कोई भोग नहीं दिया जाएगा। ग्रहण के दौरान मंदिर के दरवाजे 3 बजे से 7 बजे तक बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की सफाई और शुद्धिकरण 7 बजे से 8 बजे तक किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु 8 बजे से 10 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। रात की शयन आरती 10 बजे से 10:30 बजे तक होगी और उसके बाद मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाएंगे। इस तरह श्रद्धालु ग्रहण के समय पूरी सुरक्षा के साथ और नियमों का पालन करके दर्शन कर पाएंगे।


