MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 फरवरी को शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पर संवाद कार्यक्रम में नजर आए। उन्होंने पहले विद्यार्थियों के मन की भावनाओं को समझा और फिर उनके सवालों के जवाब दिए। सीएम ने बच्चों को परीक्षा के दौरान लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और मेहनत करने के कई मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि वे हॉस्टल में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के गार्जियन बनकर आए हैं और उन्हें परीक्षा की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि परीक्षा जीवन की कसौटी नहीं बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन की पहचान है।
तनाव को न बनने दें परीक्षा का कारण
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव न लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई करनी चाहिए और चिंतन-मनन को अध्ययन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा केवल मूल्यांकन का माध्यम है, इसे भय का कारण न बनने दें। सीएम ने बच्चों को असफलता से न डरने की सीख दी और बताया कि पहली बार सफलता न मिलने पर अधिक आत्मविश्वास और प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जो भी काम करें उसे पूरे मन और समर्पण के साथ करें।

सीएम ने मेहनत और लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली, अनुशासन और दूरदर्शिता से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। विद्यार्थियों ने उनसे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक या राजनेता बनने की इच्छा जताई। इस पर सीएम ने कहा कि बच्चों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने चाहिए और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मेहनत और लगातार प्रयास ही जीवन में सफलता की कुंजी हैं। विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ निश्चय और लगन से प्रयास करने की प्रेरणा दी।
परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने की सलाह
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा का शब्द सुनते ही बच्चे तनाव में आ जाते हैं। जैसे-जैसे परीक्षा नज़दीक आती है, चिंता और दबाव बढ़ने लगता है। इसलिए परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव और अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर साल “परीक्षा पर चर्चा” कार्यक्रम आयोजित कर देशभर के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने परीक्षा से जुड़े सवाल पूछे और सीएम ने उनके सवालों का समाधान किया।


