MP News: ग्वालियर के तियागी नगर, मुरार में आवारा बैल की गंभीर घटना सामने आई है। छह वर्षीय गोविंद लक्ष्कर अपने बहन नंदिनी लक्ष्कर के साथ कोचिंग से लौट रहा था, तभी रास्ते पर खड़ा आवारा बैल अचानक उस पर टूट पड़ा। बैल ने बच्चे को सींगों से पकड़कर जमीन पर पटक दिया और कुचलने की कोशिश की। बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती
घटना 9 फरवरी की शाम हुई। गोविंद को ग्वालियर जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक और चाइल्ड हेल्थ विभाग (PICU) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि यदि कुछ ही सेकंड की देरी होती, तो हादसा और गंभीर हो सकता था। गोविंद के सिर पर नौ टांके लगाए गए। शुक्र है कि अब बच्चा खतरे से बाहर है और गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना ने शहर में आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

निगम की लापरवाही और आलोचना
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की एंटी-कैटल टीम शहर में आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदार है। लेकिन इस टीम की सक्रियता आमतौर पर केवल वीआईपी मूवमेंट के दौरान ही देखने को मिलती है। बावजूद शिकायतों के, बैलों को पकड़ने के बजाय सिर्फ़ रास्ते से भगा दिया जाता है। इससे बैल और अधिक आक्रामक हो जाते हैं और पड़ोसियों व कॉलोनियों में खतरा बढ़ जाता है। इस रवैये के कारण इस तरह की खतरनाक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
लोगों की नाराज़गी और मांगें
इस घटना के बाद नागरिकों में गहरा आक्रोश है। लोग नगर निगम से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि आवारा पशुओं से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नागरिकों का कहना है कि केवल भगा देने से समस्या हल नहीं होगी और ऐसे हादसे भविष्य में और अधिक गंभीर हो सकते हैं। लोग चाहते हैं कि नगर निगम एंटी-कैटल टीम को वास्तविक रूप से सक्रिय करे और आवारा बैलों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित स्थान पर रखे।


