MP News: भागीरथपुरा में हुई हालिया घटना के बाद शहर की जल वितरण व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या जोखिम से बचने के लिए सभी 105 पानी की टंकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस कदम का उद्देश्य टंकियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अनधिकृत गतिविधि पर रोक लगाना है। प्रशासन का मानना है कि इससे जल स्रोतों पर निगरानी और अधिक मजबूत होगी।
टंकियों की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत, अनधिकृत प्रवेश पर रोक
नगर निगम के जलकार्य व सीवरेज प्रभारी और एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने जानकारी दी कि नई योजना के तहत सभी जल टंकियों को सख्त सुरक्षा दायरे में लाया जाएगा। टंकियों तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को सुरक्षित किया जाएगा और उन्हें स्थायी रूप से बंद करने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही वहां कैमरे लगाए जाएंगे ताकि किसी भी व्यक्ति की अवैध एंट्री को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन का लक्ष्य जल स्रोतों की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करना है।
पानी की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी, नियमित होगी सैंपलिंग
नगर निगम ने जल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी बोरिंग और कुओं से मिलने वाले पानी की नियमित सैंपलिंग और लैब टेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जिन प्रमुख स्रोतों से शहर में पानी आपूर्ति होती है, उनकी लगातार जांच की जाएगी ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल सके। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं ताकि गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की समस्या न हो।
टैंकर व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को किया जाएगा मजबूत
शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ाने की योजना भी तैयार की गई है। वर्तमान में लगभग 300 टैंकर संचालित हैं, जिनमें से 80 नगर निगम के हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक की जाएगी। साथ ही निजी टैंकर संचालकों की सूची तैयार की जा रही है, लेकिन उनके पानी की गुणवत्ता की भी कड़ी जांच की जाएगी। इसके अलावा बगीचों और सीवरेज कार्यों में अब केवल ट्रीटेड वॉटर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है ताकि पेयजल की बचत हो सके और सिस्टम अधिक प्रभावी बन सके।


